पानीपत(समालखा), जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश के नोएडा से अपहृत छात्र अतुल बुधवार सुबह पट्टीकल्याणा स्थित एक ढाबे से जान बचाने के लिए अपहर्ता के चंगुल से भाग निकला। किसी के मोबाइल से पुलिस को वारदात की सूचना दी। स्वजन भी सूचना मिलने पर समालखा पहुंचे। पुलिस ने मेडिकल कराने के बाद छात्र की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मौका मुआयना किया है।

राजस्थान के जिला करौली के गांव सुरोठ वासी अतुल पुत्र सुग्रीव प्रजापत दिल्ली के मुखर्जी नगर में एसएससी की कोचिंग ले रहा था। लाकडाउन में कोचिंग बंद होने से घर पर था। आगामी परीक्षा के लिए प्रश्न बैंक लेने 24 जुलाई को दिल्ली आया था। 25 जुलाई को दोस्त तरुण यादव ने उसे नोट्स के लिए नोएडा के सैक्टर 18 स्थित विनायक अस्पताल के पास बुलाया। तीन-चार हथियारबंद साथियों के साथ उसने उसे कार में जबरन बैठा लिया। पिस्तौल के बल पर उसे दो दिनों तक सोनीपत, पानीपत और उत्तरप्रदेश की सीमा में घुमाते रहे और डंडों से पिटाई करते रहे।

शिकायत के अनुसार छात्र से चार-पांच बार फोन करवाकर स्वजनों को पांच लाख की फिरौती खाते में डालने को कहा गया। स्वजनों ने बेटे के खाते में 70 हजार जमा करवाए, जिसे अपहर्ताओं ने एटीएम से निकलवा लिया। उन्होंने 26 और 27 जुलाई की रात पट्टीकल्याणा के पास एक ढाबे पर अपने साथ रखा। 28 की सुबह करीब 7 बजे अपहर्ताओं के नींद में होने से वह भाग निकला।

स्वजनों ने राजस्थान, हरियाणा और उत्तरप्रदेश पुलिस का शुक्रिया किया

दाता श्रीलाल प्रजापत ने बताया कि 26 को फिरौती मांगने के बाद से करौली और उत्तरप्रदेश की पुलिस ने उसकी पूरी मदद की। मोबाइल की लोकेशन बताते रहे। करौली के एसपी ने यूपी और हरियाणा पुलिस से भी संपर्क साधा। वहीं अतुल ने बताया कि अपराधियों का रैकेट है। उसने एक और को पकड़कर यूपी की सीमा में रखा था। उसके स्वजनों से भी फिरौती मांग रहा था। आरोपित आपस में तरुण, मोहित, मोंटी और सागर नाम से बात कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान कार भी बदली, जिसका नंबर फर्जी निकला था।

एसएचओ नरेंद्र कुमार ने बताया कि चार आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की तफ्तीश की जा रही है।

Edited By: Anurag Shukla