जींद, जेएनएन। जींद में विधायक कृष्ण मिढ़ा के आवास पर किसानों ने प्रदर्शन किया। रेस्ट हाउस से उठ कर किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों और गाड़ियों में बीजेपी विधायक डा. कृष्ण मिढ़ा के आवास पर पहुंचे। किसानों ने बेरिकेड्स हटाकर मिढ़ा के निवास पर जाने का प्रयास किया। यहां पुलिस व किसानों के बीच बहस भी हुई।
पुलिस द्वारा रोकने के बाद किसान सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए ज्ञापन लेने के लिए विधायक मिढ़ा को बुलाने की मांग पर अड़ गए। स्थिति को संभालने के लिए तीन डीएसपी पुष्पा खत्री, जितेंद्र खटकड़ और साधुराम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसान नेताओं और पुलिस प्रशासन के बीच बातचीत के बाद किसान धरने से उठने को तैयार हुए। तभी विधायक आवास के नजदीक छत पर एक लड़के के हाथ में बंदर भगाने वाली बंदूक देखकर किसान बिफर गए और किसानों ने कहा कि उन्हें डराने के लिए बंदूक दिखा रहे हैं। इस मामले में विधायक परिवार के खिलाफ जब तक कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे यहीं धरने पर बैठेंगे।

पुलिस को तीन मई तक अल्टीमेटम

गांवों से और किसानों को बुलाने के लिए फोन कर दिए गए। पुलिस ने किसान नेताओं से इस मामले में जांच के बाद उचित कार्रवाई की बात कही। किसान नेताओं ने तीन मई तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस दौरान कार्रवाई नहीं हुई, तो संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग बुलाकर बड़ा फैसला लिया जाएगा। वहीं, विधायक डा. कृष्ण मिढ़ा का कहना है कि उसके परिवार में से किसी ने भी किसानों को बंदूक नहीं दिखाई। वे इस मामले में शुक्रवार को सबूतों के साथ प्रेस कान्फ्रेंस करेंगे। बताया जा रहा है कि विधायक के पड़ोस में कोई लड़का बंदरों को डराने के लिए खिलौना बंदूक लेकर छत्त पर गया था।

किसानों ने शिकायत दी है : डीएसपी
डीएसपी जितेंद्र ने बताया कि खिलौना बंदूक थी। विधायक आवास के पड़ोस में कोई लड़का बंदरों को डराने के लिए खिलौना बंदूक लिए हुए था। किसानों ने इस मामले में शिकायत दी है। जांच की जा रही है।
काले झंडे लेकर पहुंचे किसान, जा चुके थे सीएम
सीएम मनोहर लाल के जींद पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पहुंचने की सूचना पाकर काफी संख्या में किसान काले झंडे दिखाने के लिए खटकड़ टोल धरने से जींद पहुंचे। लेकिन जब तक किसान रेस्ट हाउस पहुंचते, सीएम अधिकारियों की मीटिंग लेकर और नागरिक अस्पताल का दौरा कर जा चुके थे। सीएम जींद आएंगे, किसानों को इसकी जानकारी नहीं थी। किसानों ने सरकार और प्रशासन पर गुमराह करने के आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने कोरोना के नाम पर जेल से रानी तालाब तक गोहाना रोड एरिया को कंटेनमेंट जोन घोषित करने का ड्रामा रचा। ये सब सीएम के दौरे के चलते किया गया था।