संवाद सूत्र, बापौली : सरकार के आदेश के बाद भी सर्दी के कहर के बीच निजी स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। जबकि सर्दी को देखते हुए शासन ने 30 दिसंबर से ही कक्षा 12 तक के सभी बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया हुआ है। अवकाश में स्कूल खोलने वाले बापौली और सनौली खंड के कई स्कूल संचालकों को नोटिस भी दिए गए, लेकिन अभी शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

स्कूली बच्चों को कड़ाके की सर्दी से बचाने के लिए प्रति वर्ष एक से 15 जनवरी तक कक्षा 12 तक के विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश रहता है। इस बार अधिक सर्दी होने के कारण शासन ने 30 दिसंबर से ही विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश की घोषणा की। इसके बाद भी 30 और 31 दिसंबर को निजी स्कूलों का संचालन किया गया। अखबारों में खबर बनने के बाद शिक्षा निदेशक ने 30 और 31 दिसंबर को खुलने वाले स्कूलों की जानकारी मांगी। शिक्षा अधिकारी ने बापौली और सनौली में संचालित किए गए स्कूलों को नोटिस जारी करके निदेशालय को अवगत कराया। इसके बाद भी निजी स्कूल संचालक मनमानी से बाज नहीं आए। शुक्रवार को बापौली में निजी स्कूल खोले गए। मासूम बच्चे कड़ाके की सर्दी में स्कूल पहुंचने को मजबूर दिखे। अभिभावक मदन फौजी ने कहा कि निजी स्कूल संचालको की लिखित में खंड शिक्षा अधिकारी को शिकायत देंगे। गांव जलालपुर व जलमाना स्थित बिना मान्यता स्कूल सरेआम शिक्षा विभाग के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं। घने कोहरे के कारण स्कूल बस के दुर्घटना ग्रस्त होने का भी डर बना रहता है। बीईओ जयपाल सरोहा ने बताया कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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