जागरण संवाददाता, जींद। जींद के गांव अलीपुरा में 48 दिन पहले हुई निजी स्कूल संचालक सुरेश शर्मा की हत्या के मामले में उचाना थाना पुलिस ने गांव पेगां निवासी अंकुश उर्फ जाग्गू को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपित अंकुश ने ही स्कूल संचालक सुरेश शर्मा की मुखबिरी की थी।

पुलिस के मुताबिक, वारदात से एक दिन पहले ही हत्या करने के आरोपित गांव सुनारिया निवासी संजीत उर्फ सन्नी, गांव डीघल निवासी हर्ष, गांव रिठाल निवासी नवीन उर्फ भोलू व शीतल कालोनी रोहतक निवासी लोकेश उर्फ गोगी गांव पेगां में अंकुश के पास पहुंच गए थे। यहां पर अंकुश उनको पड़ोसी गांव अलीपुरा में लेकर गया। यहां पर निजी स्कूल संचालक सुरेश शर्मा का घर दिखाया और बताया कि प्रतिदिन सुबह व शाम को इसी मार्ग पर सैर के लिए निकलते हैं। इसके बाद 13 जून की रात को हत्या करने के आरोपितों को अंकुश ने अपने खेत में बने कमरे में ठहराया और उनके साथ पार्टी की।

14 जुलाई को हत्या के बाद हुए थे फरार

14 जून को अल सुबह बदमाशों ने अंकुश के पास से जाकर सुरेश शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपित वहां से फरार हो गए थे। अब पुलिस ने जब गांव सुनारिया निवासी संजीत उर्फ सन्नी को गिरफ्तार करके नौ दिन के रिमांड के दौरान आरोपित अंकुश उर्फ जग्गू का नाम सामने आया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस अभी तक चार आरोपितों को गिरफ्तार कर की चुकी है। जबकि इस मामले में 11 लोग नामजद हैं।

बेटे की हत्या में मुख्य गवाह था सुरेश

ज्ञात रहे कि 14 जून को गांव अलेवा निवासी कर्मबीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि लगभग दो साल पहले उसके भाई सुरेश के बेटे की रोहतक में हत्या कर दी गई थी। इसका मुख्य गवाह सुरेश था। 14 जून की सुबह सुरेश सैर के लिए पैदल ही गांव अलीपुरा से गांव काब्रछा की तरफ निकला था। तभी कार सवार अज्ञात लोगों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस ने इस मामले में आरोपित हर्ष को गिरफ्तार कर लिया था। उससे पूछताछ के दौरान ही संजीत उर्फ सन्नी का नाम सामने आया था।

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Edited By: Umesh Kdhyani