विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरियाणा में शैक्षणिक सत्र 2022-23 में पाठ्य पुस्तकों की नहीं होगी कमी, प्रकाशन शुरू, छात्रों की मांगी डिटेल

By Anurag ShuklaEdited By:
Published: Wed, 13 Oct 2021 09:42 AM (GMT+05:30)

हरियाणा में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए पाठ्य पुस्‍तकों का प्रकाशन शुरू हो गया है। शिक्षा निदेशालय ने छात्रों की ...और पढ़ें

हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने पाठ्य पुस्‍तकों के लिए छात्रों की डिटेल मांगी है।
हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने पाठ्य पुस्‍तकों के लिए छात्रों की डिटेल मांगी है।

पानीपत, जागरण संवाददाता। कोरोना महामारी के चलते पिछले दो सत्र से प्रदेश के राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को भले ही किताबें न मिल पाई हो, लेकिन शिक्षा विभाग ने आगामी सत्र 2022-23 में किताबें मुहैया कराने को लेकर प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इसी कड़ी में स्कूल शिक्षा निदेशालय की तरफ से प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा व खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर 30 सितंबर 2021 की वास्तविक छात्र संख्या के आधार पर पाठ्य पुस्तकों की मांग भरना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निदेशालय ने लिखा है कि पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराते हेतू पुस्तकों की छपवाई का कार्य आरंभ किया जाना है। ऐसे में सभी अधिकारियों को पाठ्य पुस्तकों की ये मांग 12 नवंबर तक भेजनी होगी।

आदान प्रदान से चला काम 

प्रदेश के राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग की ओर से निशुल्क किताबें मुहैया कराई जाती हैं, लेकिन कोरोना महामारी के चलते पिछले दो सत्र में शिक्षा विभाग किताबों की छपवाई का कार्य नहीं करा सका। ऐसे में निदेशालय ने दोनों सत्र में बच्चों के बीच किताबों का आदान प्रदान कराने का विशेष अभियान चलाया। शिक्षकों ने उक्त अभियान में अहम भूमिका निभाई और प्रदेश के लाखों बच्चों को आदान प्रदान के जरिये ही किताबें मिल पाई। हालांकि मौजूदा सत्र में विभाग की ओर से बच्चों को किताबों के नाम पर पैसे दिए गए हैं। कुछ बच्चों के खाते आदि में दिक्कत होने पर उन्हें अभी तक पैसे नहीं मिल पाए हैं।

ऐसे करनी होगी पाठ्य पुस्तकों की मांग

--स्कूलों द्वारा पाठ्य पुस्तकों की मांग खंड शिक्षा अधिकारी को भेजी जाएगी।

--सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने अधीनस्थ सभी स्कूलों की विद्यालयवार मांग संकलित कर दिए गए प्रपत्र में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को भेजेंगे।

--जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अपने अधीनस्थ सभी स्कूलों की मांग संकलित कर निदेशालय को भेजी जाएगी। इस कार्य में एपीसी टू की सहायता ले सकेंगे।

--किसी भी स्कूल द्वारा एकल रुप में भेजी गई मांग स्वीकृति नहीं की जाएगी।

--मांग करते समय पुस्तक का नाम ध्यान से चुनना होगा।

--सलंग्न प्रपत्र में भरी गई मांग को ही अंतिम माना जाएगा। इसके अतिरिक्त किसी भी अन्य तरीके से की गई मांग को डील नहीं किया जाएगा।

--किसी कारणवंश गलत मांग भरी जाती है तो उसके लिए संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होगा।

--माडल संस्कृति स्कूलों द्वारा मांग भरते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा की हिंदी व अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों की मांग अलग अलग भरी जाए।