पानीपत, जागरण संवाददाता। दिसबंर माह में धुंध पड़नी शुरू हो जाएगी। इससे निपटने के लिए रोडवेज ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। रोडवेज बसों में 100 पीली फाग लाइट के लिए डिमांड मुख्यालय भेजी गई। अभी तक रोडवेज की कुछ ही बसों में फाग लाइट लगी हुई है। वर्कशाप मैनेजर अश्वनी शर्मा के अनुसार अगले सप्ताह तक फाग लाइट आ जाएगी। मंगलवार से बसों में फाग लाइट लगाने का काम शुरू किया जाएगा। सभी रोडवेज बसों में रिफ्लेक्टर लगा दिए गए है और वर्कशाप मैनेजर खुद बसों की बारिकी से जांच कर रहे है। ताकि धुंध पडऩे पर कोई किसी तरह की कोई परेशानी न हो।

दिसंबर माह सुबह-सुबह धुंध पडऩी शुरू हो जाएगी। इससे पहले ही रोडवेज प्रशासन अपनी तैयारियों में लगा हुआ है। पुरानी की लाइटे चेक की जा रही है और बदली जा रही है। इसके साथ ही पीले रंग व सफेद दो रंग की लाइट के साथ बसें चलेगी। इसके साथ ही बसों में रंग पेंट का भी काम शुरू किया जाएगा और बसों के वाइपर भी बदले जा रहे है ताकि बसों के शीशे सही तरीके से साफ हो सके। अक्सर कई बार धुंध में जब बसे चलती है तो छोटी-छोटी कमियों के कारण हादसे का शिकार बन जाती है। इससे जान व माल दोनों की हानि होती है। इसीलिए वर्कशॉप मैनेजर ने सभी बसों की जांच करनी शुरू कर दी है। पुराने रिफ्लेक्टर को भी बदलवाया जा रहा है। ताकि रिफ्लेक्टर की चमक फीकी न पड़ सके।

बसों में इन जगहों पर लगते है रिफ्लेक्टर

हाईकोर्ट के आदेशानुसार बसों में तीन तरह के रिफ्लेक्टर लगाए जाते है। जिसमें बस के दोनों साइड में पीले रंग का रिफ्लेक्टर, बस के आगे सफेद रंग का रिफ्लेक्टर व बस के पीछे लाल रंग का रिफ्लेक्टर लगाया जाता है। तीनों रिफ्लेक्टर धुंध पडऩे पर अलग-अलग अपना काम करते है।

रिफ्लेक्टर नहीं होने के यह नुकसान

वाहनों पर इंडिकेटर, रिफ्लेक्टर व फोग लाइट का होना जरूरी है। ऐसी व्यवस्था न होने के कारण फोग सीजन में सड़क हादसों की संभावना बढ़ जाती है। वाहन चाहे सरकारी है या फिर गैर सरकारी हर वाहन पर रिफ्लेक्टर व फोग लाइट अवश्य लगी होनी चाहिए। रात को वाहन की लाइट लगते ही रिफ्लेक्टर चमकने लगता है। बसों में हर दिन हजारों की संख्या में लोग यात्रा करते हैं। कई बार कोहरा इतना अधिक होता है कि बिल्कुल समीप आकर भी दूसरा वाहन दिखाई नहीं देता। सड़कों पर पहले ही वाहनों का दबाव अधिक है।

Edited By: Anurag Shukla