गर्मी से बेहाल हरियाणा में बिजली की खपत ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, पहली बार 16170 मेगावाट तक पहुंची मांग
हरियाणा में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग 17 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड 16,170 मेगावाट तक पहुंच गई, जिससे 3,311.68 लाख यूनिट की रिकॉर्ड खपत दर्ज की गई।
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गर्मी ने तोड़े बिजली के सारे रिकॉर्ड, हरियाणा में पहली बार 16,170 मेगावाट पहुंची मांग।
HighLights
हरियाणा में बिजली की मांग 16,170 मेगावाट पहुंची
रिकॉर्ड 3,311.68 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई
बढ़ते लोड के कारण 102.31 लाख यूनिट कटौती
सुनील मराठा, मतलौडा। भीषण गर्मी और उमस ने हरियाणा में बिजली की मांग को ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया है, जहां बिजली व्यवस्था पर अभूतपूर्व दबाव साफ दिखाई दे रहा है। 17 जुलाई 2026 को प्रदेश ने बिजली मांग और खपत के मामले में अब तक का नया इतिहास रच दिया।
पहली बार अधिकतम बिजली मांग 16,170 मेगावाट तक पहुंच गई, जबकि प्रदेश में 3,311.68 लाख यूनिट बिजली की रिकॉर्ड खपत दर्ज की गई। लगातार बढ़ते लोड के कारण बिजली निगम को 102.31 लाख यूनिट की बिजली कटौती भी करनी पड़ी।
प्रदेश में शुक्रवार दोपहर 3:00 बजे अधिकतम मांग 16,170 मेगावाट दर्ज की गई, जबकि 2:59 बजे तात्कालिक मांग 16,251 मेगावाट तक पहुंच गई। पूरे दिन औसत बिजली मांग 13,798 मेगावाट रही तथा लोड फैक्टर 85.34 प्रतिशत दर्ज किया गया। बिजली व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए प्रदेश को कुल 3,413.99 लाख यूनिट की अनियंत्रित आवश्यकता थी, लेकिन उपलब्धता सीमित रहने के कारण 102.31 लाख यूनिट की बिजली कटौती करनी पड़ी।
कटौती का सबसे अधिक असर अर्बन क्षेत्रों में 55.44 लाख यूनिट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 46.88 लाख यूनिट के रूप में देखने को मिला। हालांकि अधिकतम मांग के समय किसी प्रकार की मेगावाट आधारित कटौती नहीं करनी पड़ी, लेकिन रात के समय न्यूनतम मांग 11,986 मेगावाट (रात 12:45 बजे) रहने के बावजूद 1,700 मेगावाट तक की पावर कट स्थिति दर्ज की गई।
हर घंटे बढ़ता गया बिजली लोड
दिन की शुरुआत आधी रात 12,482 मेगावाट कुल लोड से हुई। सुबह 8 बजे तक यह बढ़कर 13,442 मेगावाट, 10 बजे 14,330 मेगावाट, दोपहर 12 बजे 15,290 मेगावाट और 2 बजे 15,875 मेगावाट पहुंच गया। इसके बाद दोपहर 3 बजे 16,163 मेगावाट का सर्वाधिक कुल लोड दर्ज हुआ। शाम के बाद मांग धीरे-धीरे घटती गई।
हर वर्ग में बढ़ी बिजली की खपत
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सभी उपभोक्ता वर्गों में बिजली खपत बढ़ी है।
कृषि फीडर (एपी) में 702.24 लाख यूनिट खपत दर्ज हुई, जो पिछले दिन से 0.99% तथा पिछले वर्ष की तुलना में 59.51% अधिक रही।
ग्रामीण वितरण प्रणाली (आरडीएस) में 637.73 लाख यूनिट, जो पिछले दिन से 3.45% अधिक रही।
उद्योगों में 634.23 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई, जिसमें 1.70% की दैनिक वृद्धि दर्ज की गई।
शहरी क्षेत्रों में सर्वाधिक 1,067.08 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई, जो एक दिन पहले से 2.12% अधिक रही।
कुल मिलाकर प्रदेश की बिजली खपत 3,041.28 लाख यूनिट रही, जो 16 जुलाई की तुलना में 2.05 प्रतिशत अधिक तथा पीछले वर्ष इसी दिन (17 जुलाई 2025) के मुकाबले 32.94 प्रतिशत ज्यादा है।
एक दिन में फिर टूटा रिकॉर्ड
जुलाई माह के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में बिजली मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। 16 जुलाई को अधिकतम मांग 16,001 मेगावाट थी, जिसे 17 जुलाई को बढ़कर 16,170 मेगावाट ने पीछे छोड़ दिया। इसी तरह बिजली खपत भी 3,202.97 लाख यूनिट से बढ़कर 3,311.68 लाख यूनिट पहुंच गई। एक दिन में ही खपत में 108.71 लाख यूनिट की वृद्धि दर्ज की गई।
पिछले वर्ष की तुलना में भारी उछाल
17 जुलाई 2025 की तुलना में प्रदेश की स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। इस वर्ष बिजली खपत में 35.81 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। अधिकतम बिजली मांग में 39.32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि लोड फैक्टर में 2.52 प्रतिशत की कमी रही।
बिजली उत्पादन इकाइयां चालू
18 जुलाई सुबह तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार पीटीपीएस की यूनिट 6, 7 व 8, डीसीआरटीपीपी की यूनिट 1 व 2, एपीएमयूएल की यूनिट 7 व 8, आईजीटीपीएस की यूनिट 1, 2 व 3, एमजीटीपीएस की यूनिट 1 व 2 तथा आरजीटीपीएस की यूनिट 1 व 2 उत्पादन में थीं।
