जागरण संवाददाता, पानीपत : वकीलों और पुलिस में एक बार फिर से ठन गई है। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सिवाह वासी वेदपाल कादियान और उनके पुत्र गौरव (एलएलबी अंतिम वर्ष का छात्र) ने पुलिस पर अभद्रता-मारपीट व मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया। वकीलों ने मुकदमा खारिज करने, आरोपित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया। उधर, पुलिस ने पिता-पुत्र पर गाली-गलौज करने, वर्दी फाड़ने सहित दूसरे आरोपों में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, पुलिस ने पिता-पुत्र को थाने से जमानत दे दी है।

सेक्टर-29 थाना में दर्ज एफआइआर के मुताबिक ईएसआइ जोगिद्र सिंह, हवलदार नरेंद्र, सुरजीत व होमगार्ड दिलेर सिवाह ओवरब्रिज के नीचे रात्रि ड्यूटी पर थे। शुक्रवार की रात्रि करीब 12:20 बजे एक कार और स्कूटी को रोकने का प्रयास किया। ईएसआइ जोगेंद्र सिंह ने इशारा किया। चालकों ने वाहनों को 10 कदम की दूरी पर जाकर रोका। गाड़ी के चालक से नाम-पता पूछा तो बताने से इन्कार कर दिया। स्कूटी चालक ने भी नाम-पता नहीं बताया। दोनों बहस, गाली-गलौज करने लगे। मारपीट करते वर्दी फाड़ दी। स्कूटी चालक ने खुद को बार एसोसिएशन पानीपत का पूर्व प्रधान बताते हुए, धमकी दी और फरार हो गए। बाद में पता चला कि स्कूटी चालक वेदपाल कादियान और कार चालक उनका बेटा गौरव है।

जांच अधिकारी एसआइ सतपाल सिंह ने बताया कि दोनों को शनिवार सुबह चार बजे गांव सिवाह से गिरफ्तार किया गया। पिता-पुत्र के विरुद्ध धारा 186, 332, 353, 506, 34 आइपीसी के तहत एफआइआर दर्ज की है। दोनों आरोपितों को सदर थाना लाकर, जमानत दे दी गई है। मैडम मास्क आपने भी नहीं पहना..ये कहना पड़ा भारी

थाने से जमानत मिलने के बाद वेदपाल कादियान ने बताया कि वह बिशनस्वरूप कालोनी में परिवार संग रह रहे हैं। खेतों में बोरिग कराई थी। शुक्रवार की रात्रि मोटर रखी गई थी, इसलिए देर हो गई। सिवाह मोड़ के पास एएसपी पूजा वशिष्ठ 20-25 पुलिस कर्मियों के साथ नाका लगाए खड़ी थी। पुत्र गौरव ने कार के कागजात, ड्राइविग लाइसेंस दिखा दिए। एएसएपी ने कहा कि सीट बेल्ट नहीं लगाई और मास्क भी नहीं पहना है। गौरव ने कह दिया कि मैडम मास्क तो आपने भी नहीं पहना है। इससे एएसपी नाराज हो गईं। उनके इशारे पर पुलिस कर्मियों ने बेटे को बुरी तरह पीटा। बचाव करने उतरा तो मेरे साथ भी अभद्रता हुई। बता दें कि इससे पहले कच्चा कैंप में साइड को लेकर विवाद हुआ था, जिसका बाद में समझौता हुआ।

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