पानीपत/कुरुक्षेत्र [सतीश चंद्र श्रीवास्तव]। जो भ्रष्ट है, उसी को मोदी से कष्ट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को नई पंचलाइन के साथ कुरुक्षेत्र के मैदान में थे। स्वच्छ शक्ति समारोह का तीसरा संस्करण बहुआयामी हो गया। लक्ष्य तो स्वच्छता ही है पर दायरा व्यक्ति से जन-जन तक विस्तारित हो गया। अभियान को इज्जत घर से सामाजिक-राजनीतिक जीवन तक का आयाम मिल गया है। 

कुछ उसी तरह जैसे कृष्ण गीता का उपदेश देते हैं और अर्जुन विजेता बन जाते हैं। स्वच्छता मिशन के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी मार्गदर्शक हैं और प्रधानमंत्री कर्ताभाव में। मोदी ने देश की जनता का आशीर्वाद मांगा ताकि भ्रष्टाचारियों से देश को स्वच्छ किया जा सके। अनैतिकता के खिलाफ संघर्ष के लिए जनादेश मांगा। 

इस बार फिर हरियाणा से आगाज
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के आयोजन में प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया कि वह कुरुक्षेत्र से चुनावी मोड में जा रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किये जाने के बाद पहली रैली हरियाणा के रेवाड़ी में की थी। सैनिकों से वादा किया और वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) लागू किया। अब कुरुक्षेत्र से मिशन 2019 की शुरुआत कर रहे हैं। महिलाओं और किसानों का सशक्तीकरण मुख्य लक्ष्य।

क्या किया का जवाब
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष के तेज होते हमलों का आंकड़ों से जवाब दिया। बताया कि 70 वर्षों में खुले में शौच से बमुश्किल 40 फीसद लोगों को मुक्ति मिल पाई थी। साढ़े चार वर्षों में दायरा 98 फीसद हो गया। डायरिया और गंदगी के कारण फैलने वाली अन्य बीमारियों से मौत के मामलों में कमी आई है। डब्ल्यूएचओ के ताजा विश्लेषण के अनुसार, स्वच्छता मिशन के कारण तीन लाख लोगों की जान बची है। मोदी ने याद दिलाया कि भारतीय संस्कृति के अनुसार यदि कोई एक जान बचा ले तो जन्म-जन्म का पुण्य मिल जाता है।

वार मेमोरियल : महाराष्ट्र तक प्रभाव
पानीपत की तीसरी लड़ाई मिशन-2019 में प्रेरणा स्रोत बनेगी। पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि पानीपत का युद्ध नहीं हारते तो भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक तस्वीर कुछ और होती। अब प्रधानमंत्री ने इसे स्वीकार भी कर लिया है। वार मेमोरियल की घोषणा कर दी है। मराठों के लिए पानीपत भावनात्मक विषय है। अहमद शाह अब्दाली के खिलाफ लड़ते हुए लाखों मराठा सैनिक शहीद हुए थे। इतिहास के सबसे विध्वंसक युद्ध की स्मृतियां ताजा हैं। 

स्वास्थ्य प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने मंगलवार को जिन छह संस्थानों का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया, उनमें पांच स्वास्थ्य संबंधित हैं। झज्जर के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान और फरीदाबाद के ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का उद्घाटन हुआ है तो पंचकूला में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, करनाल में पंडित दीन दयाल उपाध्याय आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय और कुरुक्षेत्र में श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय स्वास्थ्य के प्रति केंद्र और राज्य सरकार के विशेष प्रयासों को प्रतिबिंबित करते हैं। 

संवाद को प्रोत्साहन
गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर 2019 तक पूर्ण स्वच्छता का लक्ष्य पाने के लिए नारी शक्ति का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने स्वच्छताग्रहियों से एक दूसरे से अपने-अपने कामों की चर्चा करने, सीखने और नए विचारों के साथ बदलाव को गति देने का आह्वान करते हुए मोदी टीम लीडर की अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते नजर आये। आखिर, भरोसा ही तो जीत का आधार बनता है।

Posted By: Ravi Dhawan

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