पानीपत/यमुनानगर, [पोपीन पंवार]। रक्षा बंधन भाई बहन के रिश्ते का त्योहार। कनालसी गांव की शिवी राणा ने अपने भाई रणजोर सिंह व अमन को राखी बांधने से पूर्व पेड़ों को राखी बांध रक्षा का वचन लिया। इसके लिए यमुना बचाओ समिति के पदाधिकारियों से प्रेरणा मिली है। पदाधिकारियों ने भी इस पर्व पर पेड़ों की रक्षा के लिए राखी बांधने का प्रण लिया है। समिति यमुना को बचाने की दिशा में काफी समय से काम कर रही है।

शिवी राणा बताती हैं कि इनके दादा किरणपाल राणा डेढ दशक से यमुना बचाओ के लिए कार्य कर रहे हैं। पिता पंकज व माता रिंकू भी मुहिम से जुड़ी हैं। दादा के सामने उन्होंने बात रखी थी कि इस बार रक्षा बंधन पर वे भाइयों की तरह पेड़ को भी राखी बांधी। उन्होंने इस पर स्वीकृति जताई। समिति के सभी पदाधिकारी रक्षा बंधन पर पेड़ों को राखी बांधी। उनका ये भी कहना है कि कॉलेज में उनको सेमिनार में बताया गया कि प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण ये दिक्कत आ रही है। इसलिए उन्होंने पेड़ों को बचाने के लिए ये मुहिम शुरू की। क्लास में साथ पढऩे वाली छात्राएं इस मुहिम में शामिल हैं। 

Kanalshi

पेड़ काटने पर है जुर्माने का प्रावधान 
यमुना किनारे पर हरियाली रहे इसके लिए सैकड़ों पौधे लगाए हैं। जो अब पेड़ बन चुके हैं। समिति पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर है। पूरे गांव व आसपास के लोगों को हिदायत दी हुई कि कोई पेड़ नहीं काटेगा। पेड़ काटते हुए कोई मिला तो उस पर जुर्माना का प्रावधान भी है। समिति के सख्त कानून का सभी लोग अनुपालन करते हैं। इसी तरह जलीय जीवों की रक्षा का संकल्प भी समिति की ओर से लिया गया है। पूरे गांव में जलीय जीवों के शिकार पर प्रतिबंध है। इसके लिए बकायदा नदी किनारे बोर्ड भी लगाया गया है। अगर कोई शिकार करता मिला तो उस पर पांच हजार रुपये जुर्माना लिया जाएगा। 

Kanalshi

चलाएंगे मुहिम 
गांव के पूर्व सरपंच मेघ सिंह का कहना है कि पेड़ों को राखी बांधने व पौधारोपण किया गया है। बराबर के गांव में भी इस तरह की मुहिम चलाएंगे। समिति के पदाधिकारियों ने लक्ष्य रखा कि हर  सदस्य कम से कम पांच पौधे रोपित करेगा। उन्होंने शिवी के इस कदम की सराहना की है। 

संघ भी इस दिशा में करेगा कार्य 
भारतीय किसान संघ के उपाध्यक्ष सुरेश पाल राणा का कहना है कि समिति के सुझाव पर संघ भी इस दिशा में काम करेगा। ताकि अधिक से अधिक पौधे रोपित हो।

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Anurag Shukla