जागरण संवाददाता, समालखा : गोल्डन पार्क में बरसाती पानी कई दिनों से भरा है। पिछले साल बने सोख्ते जाम हैं। निकासी का अन्य कोई जुगाड़ नहीं है। इससे घास और पौधे खराब हो रहे हैं। लोगों ने एसडीएम से निकासी की गुहार लगाई है। माली की व्यवस्था करने को कहा है। 50 हजार आबादी का है पार्क

गोल्डन पार्क कस्बे के बीच में हैं। इसके पूर्वी भाग में जीटी रोड तो उत्तरी में रेलवे और दक्षिणी भाग में ब्ल्यूजे रोड है। अधिकांश वार्डों के सुबह और शाम यहां सैर करने आते हैं। पार्क समिति की ओर से यहां नियमित योग कक्षाएं लगती है। पार्क में ओपन जिम भी है, जहां युवा व्यायाम करते हैं। खेलने वाले बच्चों का दिनभर आना-जान लगा रहता है। सैर करने आने वालों में रोष

मास्टर धर्मपाल कुहाड़, पूर्व पार्षद कुलभूषण अरोड़ा, रामनिवास, विकास साहू, संदीप व सचिन गर्ग, संजय, चंद्रभान, सत्य नारायण शर्मा आदि कहते हैं कि पार्क के सुन्दरीकरण के लिए ग्रांट आई थी। ग्रांट से ट्रैक, वाटर हार्वेस्टिग व कूड़ेदान लगाने के काम हुए। चंद महीने में वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम फेल हो गया। कूड़ेदान टूट गए। बरसाती पानी परिसर में खड़ा है, जिससे घास सहित पेड़-पौधे खराब हो रहे हैं। पालिका को इसकी परवाह नहीं है। अधिकारी से फरियाद के बाद भी नहीं हो रहा सुधार

पार्क समिति का कहना है कि वे कई बार सफाई, छोटे गेट, कूड़ेदान, सुरक्षा, लाइट आदि समस्याओं को लेकर नपा दफ्तर जा चुके हैं। हर बार आश्वासन ही मिलता है। नियमित माली और सफाई कर्मियों की ड्यूटी नहीं लगाई जाती है। मरम्मत के काम भी नहीं करवाए जाते हैं। पालिका की अनदेखी से सैर करने वालों को भारी परेशानी हो रही है। अन्य जगहों पर सरकार पार्क को विकसित कर रही है, जबकि शहर में इसकी अनदेखी हो रही है।

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