पानीपत, जेएनएन। सनौलीखुर्द गांव से पुणे महाराष्ट्र लौटे तब्लीगी जमात के दो लोग कोरोना पॉजिटिव मिलने पर गांव को मंगलवार की रात सील कर दिया था। बुधवार को पुलिस ने नाके बना दिए। किसी को गांव से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। बाहरी व्यक्ति का प्रवेश भी वर्जित है। किसानों को भी खेतों से वापस बुलवाया गया।

ड्यूटी मस्जिट्रेट एवं नायब तहसीलदार बापौली नरेश कौशल ने बताया कि गांव की मात्र दो गलियों को खुला रखा गया है। इनके मुहाने पर पुलिस के साथ अन्य विभागों के कर्मचारी, नंबरदार आदि की ड्यूटी लगाई गई है। हर व्यक्ति की एंट्री रजिस्टर में की जा रही है। समालखा डीएसपी प्रदीप कुमार ने भी गांव का निरीक्षण किया। सेक्टर अधिकारी संदीप कुमार और पूर्व सरपंच सुरेन्द्र शर्मा ग्रामीणों को गांव से बाहर नहीं निकलने की हिदायत देते रहे हैं। आवश्यक सेवाओं की दुकानें सुबह आठ से दस बजे तक खुलेंगी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के मुताबिक गली में घूमने पर भी चालान किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव में पहुंची, और बीमारों का इलाज किया। इनमें डॉ. दिव्या, डॉ. रविन्द्र आदि शामिल रहे।

यहां बने हैं नाके 

झांबा मोड़, रिसपुर रोड, नवादा रोड, बस अड्डा, तामशाबाद मोड़, हरिद्वार रोड, सनौली खुर्द मेन गेट के पास। नाकों पर चार पुलिसकर्मी दिन-रात चौकसी करेंगे।

आशा वर्कर्स से अभद्रता

सनौली के गांव राणा माजरा में बुधवार को दो आशा वर्कर्स घर घर जाकर स्वास्थ्य जांच करने कर रही थी। इसी दौरान एक परिवार ने वर्कर्स से अभद्रता कर दी। वर्कर्स को स्क्रीनिंग कार्य बन्द करना पड़ा। दोनों ने सिविल सर्जन कार्यालय में शिकायत दी है। उधर झा पीएचसी की मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर दिव्या ने कहा कि फ़ोन पर शिकायत मिली है। दोनों को थर्सडे को बुलाया गया है।

शेल्‍टर होम में दस हजार से अधिक स्‍क्रीनिंग

कोरोना वायरस (कोविड-19) के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की दस टीमों ने नाकों और शेल्टर होम में 10 हजार 403 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की है। इसके अलावा दो दिनों में 172 पुलिसकर्मियों की भी जांच की गई है। इनमें से आठ बीमार मिले थे। आरबीएसके के जिला नोडल अधिकारी डॉ. ललित वर्मा ने बताया कि पहले इन टीमों को नाकों के लिए तैयार किया गया था। अब ये टीमें प्रत्येक शेल्टर होम जाकर वहां ठहरे लोगों का स्वास्थ्य जांच कर रही हैं। अब तक हुई जांच में कुछ ऐसे भी हैं, जिनकी दूसरी-तीसरी बार भी सामान्य चेकअप किया गया है।

होटलों, बैंक्वेट हाल, शिक्षण संस्थानों में फैसिलिटी केंद्र

कोरोना वायरस के आशंकित और पॉजिटिव मरीजों की संख्या वृद्धि की आशंका से होटलों, बैंक्वेट हाल, शिक्षण संस्थानों को फैसिलिटी केंद्र बनाया गया है। इसके अलावा एक गेस्ट हाउस को भी चिह्न्ति किया गया है। इन केंद्रों में 1841 बेड की क्षमता है।

17 होटलों में 964 बेड की क्षमता

डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुधीर बतरा ने बताया कि जिले के 17 होटलों में 964 बेड की क्षमता है, फिलहाल 408 बेड तैयार हैं। सात बैंक्वेट हाल में 428 बेड की क्षमता है, आठ बेड उपलब्ध है। पांच शिक्षण संस्थानों में 432 बेड की क्षमता है, 230 बेड पहले से हैं। सत्रह बेड का गेस्ट हाउस भी है। 

उन्होंने कहा फिलहाल हालात काबू में हैं। वायरस सोसाइटी में फैला तो आशंकित मरीजों को इन केंद्रों में रखना पड़ सकता है। डॉ. बतरा ने जिला वासियों से लॉकडाउन का पालन करने की सीख दी। किसी आशंकित मरीज का पता चलने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग या पुलिस को सूचना दें।

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Posted By: Anurag Shukla

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