पानीपत, [विजय गाहल्याण]। अंतरराज्यीय हथियार तस्कर गिरोह के सरगना मध्यप्रदेश के बच्चन सिंह उर्फ बच्ची यादव ने हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान में जाल फैला रखा है। इन प्रदेशों में 500 से ज्यादा अवैध हथियार गैंगस्टरों को बेचकर 30 लाख रुपये कमा लिए। इनमें करीब 150 हथियार सोनीपत में बेचे गए थे।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आठ गैंगस्टरों ने हथियारों का इस्तेमाल गैंगवार में किया। बच्ची यादव ने हर प्रदेश में अलग-अलग गुर्गे तैनात कर रखे हैं। वह गुर्गों से कभी अपने फोन से बात नहीं करता था। इसके लिए फर्जी पतों पर फोन नंबर ले रखे थे। पुलिस उसके गुर्गे संतोष को आठ दिन के रिमांड पर लेकर बच्ची यादव की तलाश में मध्यप्रदेश और राजस्थान में घूमती रही। सरगना और अवैध हथियार खरीदने वाले गैंगस्टरों को नहीं पकड़ पाई है।

तीन प्रदेशों को बच्ची की तलाश

बच्ची यादव के खिलाफ पानीपत, मध्य प्रदेश और राजस्थान में मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। तीनों प्रदेशों की पुलिस उसकी तलाश में है। गिरफ्तार हो चुके गुर्गे भी उसके असल ठिकानों को नहीं जानते हैं। पुलिस ने बच्ची यादव को पकडऩा चुनौती बना है।

गैंगवार में हुआ अवैध हथियारों का इस्तेमाल

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दिल्ली, सोनीपत, रोहतक व झज्जर के गैंगस्टरों ने अवैध हथियारों को बेचा गया है। गैंगस्टरों ने हथियारों का इस्तेमाल विरोधी गैंग के बदमाशों को मारने में किया है। पुलिस का मानना है कि बच्ची यादव की गिरफ्तारी के बाद ही गैंगस्टरों का पता चल पाएगा।

टैक्सी चालक के जरिये पकड़े गए थे तस्कर

बलजीत नगर में किराये पर रहने वाला महफूज टैक्सी चलाता था। कोरोना काल में काम नहीं चला तो कार बेच दी और तस्कर बच्ची यादव से संपर्क साधकर अवैध हथियारों की तस्करी करने लगा। वह एक पिस्तौल 40 से 50 हजार रुपये में बेचता था। पुलिस ने महफूज को गिरफ्तार कर लिया। उसी के जरिये पुलिस ने बच्ची यादव गैंग के संतोष, राय ङ्क्षसह और हीरालाल को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीआइए-थ्री) 35 देसी पिस्तौल व 45 मैगजीन बरामद की हैं।

 

Edited By: Anurag Shukla