पानीपत, जागरण संवाददाता। पानीपत के किले पर रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। म्यूनिसिपल एक्ट 164 के तहत 500 परिवारों को लाभ मिलेगा। नगर निगम के हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास करके लोगों को रजिस्ट्री कराने का अधिकार मिल जाएगा। नगर निगम कार्यालय में सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट के कार्यालय में एडीए, डीएमसी सहित अधिकारियों ने निगम एक्ट की किताब के पन्ने पलटे। करीब तीन घंटे के बाद यह रास्ता मिला। एक्ट के अनुसार, नगर निगम की जगह पर जो बरसों से रह रहा हो, उसे मालिकाना हक दिया जा सकता है। भट्ट का कहना है कि हाउस की बैठक में यह प्रस्ताव पास कराएंगे। सरकार से अनुमति लेकर किले पर रहने वालों को कलेक्टर रेट पर रजिस्ट्री करवा सकेंगे।

फिलहाल, 256 लोगों ऐसे हैं जिन्होंने पहले ही रजिस्ट्री करवा रखी है। लेकिन इतने ही परिवार अभी भी रजिस्ट्री से वंचित हैं। पानीपत शहर के किला क्षेत्र में लगभग 11 हजार गज में मकान व दुकाने हैं। सन 1996 में नगर पालिका की ओर से लोगों को नोटिस दिए गए थे। लोगों ने एसडीएम कोर्ट में मुकदमा भी किया था। सभी लोग हाउस टैक्स लंबे समय से अदा कर रहे हैं। दुष्यंत भट्ट से मिलने आए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकार के नियम अनुसार ऐसे क्षेत्रों में 50 प्रतिशत कम करके कलेक्ट्रेट रेट पर रजिस्ट्री करवा दी जाए, ताकि ऐसे क्षेत्रों के लोगों को संपत्ति का मालिकाना हक मिल सके।

लोगों ने ये दिए हैं सुझाव

सीवर सिस्टम ठीक कराएं, ताकि पानी निकासी बेहतर हो। नींव में पानी नहीं जाएगा तो मकान सुरक्षित रहेंगे

सड़कें बेहतर हों। रिपेयरिंग में देरी न हो, ताकि जमीन न खिसके।

सीवर की सफाई हर महीने में दो बार हो, ताकि सीवर ब्लाक न हों।

दरार आने पर निगम ने दिए थे नोटिस

किला क्षेत्र में मकानों में दरार आने पर नगर निगम ने नोटिस दिए थे। दरअसल, ये नोटिस इस वजह से दिए गए थे, ताकि कोई हादसा होने पर यह तर्क दिया जा सके निगम ने कार्रवाई की थी। लोगों ने घर खाली नहीं किए। उस समय लोगों ने नोटिसों का विरोध करते हुए यहां पर सुधार की मांग की थी। तकनीकी टीमें यहां आई थी। उसके बाद फिर से मामला दब गया। अब दोबारा से किला वालों को रजिस्ट्री कराने के लिए पहल हुई।

अब तक होती रही राजनीति

किला क्षेत्र में रहने वाले लोगों से अब तक राजनीति होती आई है। हाई कोर्ट के आदेश पर नगर निगम की टीम मकान हटाने पहुंचती है। इस बीच, सत्ता और विपक्ष के नेता पहुंच जाते हैं। फोटो कराने के बाद कार्रवाई रोक दी जाती है। इसके बाद फिर से ये मामला दब जाता है। लोगों को आश्वासन मिलता है कि या तो यहां पर सुरक्षा के इंतजाम के साथ घर मिलेगा या कहीं और बसाया जाएगा। समाधान अब तक नहीं निकला।

तकनीकी टीमें कर चुकीं जांच

किला क्षेत्र में तकनीकी टीमें जांच कर चुकी हैं। कुछ क्षेत्र यहां पर असुरक्षित हैं। दुष्यंत भट्ट का कहना है कि जहां पर एरिया सुरक्षित है, कम से कम वहां पर तो लोगों को बसाया जा सकता है। अगर एक्ट अनुसार लोगों को राहत मिल सकती है तो देनी ही चाहिए।

Edited By: Anurag Shukla