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184.44 करोड़ से फोरलेन होगी पानीपत-जींद सड़क, 9 गांवों को होगा फायदा; जलभराव रोकने को बनेगी ड्रेन

Published: Sat, 17 Oct 2026 10:13 AM (IST)

पानीपत-जींद सड़क को 184.44 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन में चौड़ा किया जाएगा, जिससे 9 गांवों के लोगों को ...और पढ़ें

पानीपत से दरियापुर मोड़ तक 21.65 किलोमीटर सड़क को फोरलेन बनाने की योजना।

पानीपत से दरियापुर मोड़ तक 21.65 किलोमीटर सड़क को फोरलेन बनाने की योजना।


HighLights

  1. पानीपत-जींद सड़क का 184 करोड़ से चौड़ीकरण

  2. परियोजना से 9 गांवों के लोगों को लाभ

  3. काम 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य

जागरण संवाददाता, पानीपत। पानीपत से असंध रोड होते हुए सफीदों और जींद जाने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में सफर आसान हो सकता है। पानीपत-जींद सड़क को चौड़ा करने के लिए 184.44 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई है।

इसके तहत पानीपत जिले में दिल्ली पैरलल नहर से दरियापुर मोड़ तक 21.65 किलोमीटर सड़क को फोरलेन बनाया जाना है। परियोजना का शुभारंभ 28 फरवरी 2026 को गांव सौदापुर के पास शाहौदापुर में किया गया था। सड़क चौड़ी होने से रास्ते में पड़ने वाले गांवों के लोगों, विद्यार्थियों, किसानों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

सड़क चौड़ीकरण को लेकर कुछ स्थानीय लोगों की चिंताएं भी सामने आई हैं। 12 अक्टूबर को सौदापुर में दुकानों और मकानों पर निशानदेही के विरोध में ग्रामीणों ने मंत्री के सामने अपनी बात रखी थी।

इसके बाद संबंधित विभाग को फिलहाल कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए गए। ऐसे में परियोजना के लाभ के साथ यह जानना भी जरूरी है कि सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के दौरान स्थानीय दुकानदारों और मकान मालिकों के हितों का किस तरह ध्यान रखा जाएगा।

184.44 करोड़ रुपये से तैयार होगा सड़क का पूरा प्रोजेक्ट

पानीपत-जींद सड़क सुधार परियोजना के लिए कुल 184.44 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें पानीपत जिले में पानीपत से दरियापुर मोड़ तक सड़क को फोरलेन बनाने के लिए 86.96 करोड़ रुपये निर्धारित हैं।

दरियापुर मोड़ से जींद तक सड़क को लगभग 10 मीटर चौड़ा करने के लिए करीब 92 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।

परियोजना के शुभारंभ के समय 24 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य बताया गया था। इस हिसाब से निर्धारित समयसीमा फरवरी 2028 के आसपास बनती है। हालांकि, वर्तमान में निर्माण कार्य की वास्तविक प्रगति और संशोधित समयसीमा की पुष्टि संबंधित विभाग से करना जरूरी है।

इन गांवों के लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

पानीपत जिले में इस सड़क परियोजना से जुड़े प्रमुख गांवों में ज्योति नगर, विर्क नगर, सौदापुर, खुखराना, पानीपत थर्मल क्षेत्र, ऊंटला, भालसी, मतलौडा और नारा शामिल हैं।

इन गांवों के लोगों को पानीपत शहर, आसपास के कस्बों और आगे जींद की ओर आने-जाने के लिए बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क केवल एक जगह से दूसरी जगह जाने का माध्यम नहीं होती। इसी रास्ते से लोग बाजार, अस्पताल, सरकारी कार्यालय, बैंक और दूसरी जरूरी सुविधाओं तक पहुंचते हैं।

सड़क चौड़ी होने से यातायात का दबाव व्यवस्थित करने और वाहनों की आवाजाही सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है।

स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को कैसे मिलेगा फायदा

पानीपत शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई के लिए शहर या दूसरे कस्बों में आते-जाते हैं। कुछ विद्यार्थी निजी वाहनों से, जबकि अन्य बसों और दूसरे सार्वजनिक परिवहन साधनों से सफर करते हैं। संकरी सड़क पर भारी वाहनों और निजी वाहनों का दबाव होने पर विद्यार्थियों को भी रास्ते में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

सड़क चौड़ी होने के बाद यातायात बेहतर ढंग से चलने की संभावना है। इससे स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के सफर में लगने वाली देरी कम हो सकती है। लेकिन वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि सड़क पर सुरक्षित क्रॉसिंग, उचित संकेतक, बसों के रुकने की जगह और पैदल चलने वालों के लिए जरूरी सुविधाएं कितनी विकसित की जाती हैं।

कितने स्कूल-कॉलेज आएंगे सड़क के दायरे में? अभी उपलब्ध परियोजना संबंधी रिपोर्टों में इस मार्ग पर पड़ने वाले स्कूलों और कॉलेजों की कुल संख्या प्रमाणित रूप से नहीं दी गई है। इसलिए संख्या बताने के बजाय संबंधित विभाग के रूट मैप से शिक्षण संस्थानों की सूची की पुष्टि करना जरूरी होगा।

किसानों और व्यापारियों को भी होगा फायदा

पानीपत और आसपास के गांवों में कृषि तथा व्यापार से जुड़े लोगों के लिए बेहतर सड़क संपर्क महत्वपूर्ण है। किसानों को खेतों से मंडियों तक फसल पहुंचानी होती है, जबकि व्यापारी और छोटे कारोबारी सामान की ढुलाई के लिए इसी तरह के मार्गों पर निर्भर रहते हैं।

सड़क चौड़ी होने से ट्रैक्टर-ट्रॉली, मालवाहक वाहनों और अन्य परिवहन साधनों की आवाजाही अधिक सुचारु हो सकती है। इससे जाम में फंसने की समस्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, माल ढुलाई में लगने वाले समय और दुर्घटनाओं में कितनी कमी आएगी, इसका आकलन सड़क तैयार होने के बाद ही किया जा सकेगा।

गांवों में जलभराव रोकने के लिए भी बनेगी ड्रेन

सड़क परियोजना में जरूरत के अनुसार गांवों में जल निकासी के लिए ड्रेन बनाने का प्रावधान भी है। बरसात के दौरान सड़क किनारे पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित होता है और सड़क को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। उचित जल निकासी व्यवस्था से इस समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।

इसके लिए जरूरी है कि ड्रेन का निर्माण स्थानीय जल निकासी व्यवस्था के अनुसार हो और पानी की निकासी का रास्ता स्पष्ट रहे। इससे सड़क के साथ आसपास की आबादी को भी लाभ मिल सकता है।

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