पानीपत, जेएनएन। उद्योगों पर प्रतिबंध की समय सीमा बढ़ाकर 12 नवंबर कर दी गई है। अब उद्योग 11 नवंबर रात 12 बजे तक बंद रहेंगे। 

दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण के स्तर को देखते हुए पर्यावरण (रोकथाम एंव नियंत्रण) अथॉरिटी ईपीसीए नए आदेश जारी किए हैं। इससे पहले आठ नवंबर तक उद्योगों पर प्रतिबंध लगाया गया था। उद्योगों को उम्मीद थी कि उन्हें राहत मिलेगी। दिवाली से लेकर अब तीन बार प्रतिबंध की तिथि को बढ़ाया जा चुका है। पिछले दस दिनों से उद्योगों के बंद रहने से अकेले पानीपत को 350 करोड़ का नुकसान हो चुका है। निर्यातकों का कहना है कि प्रतिदिन निर्यात उद्योग को 35 करोड़ का नुकसान हो रहा है। अन्य देशों को निर्यात टाइम बाउंड होता है। प्रतिबंध लगने के कारण शिपमेंट में देरी हो रही है। जिससे बायर्स (विदेशी खरीदार) अन्य देशों का रूख कर सकते हैं। 

निर्यातकों ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जो उद्योग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का पालन कर रहे हैं उनको इस प्रतिबंध से मुक्त किया जाए। हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के चैप्टर पानीपत के चेयरमैन विनोद खंडेलवाल ने कहा कि यह कोई हल नहीं है। इससे उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। लेबर के हालत बदतर हो जाएंगे। बार-बार प्रतिबंध लागू किया जा रहा है। 11 के बाद भी उद्योग चलेंगे इसकी क्या गारंटी है। उद्योगों पर बिजली, पानी, ब्याज के स्थायी खर्चे पड़ रहे हैं। 

शुक्रवार को चले उद्योग 

दो नवंबर को ईपीसीए ने 8 नवंबर तक प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे। आदेशों में सुबह 5 बजे तक बंद रखने के निर्देश थे। सेक्टर 29 में शुक्रवार सुबह ज्यादातर उद्योग चल पड़े। पौने नौ बजे ईपीसीए नए निर्देश जारी हुए कि ये प्रतिबंध आठ नवंबर रात 12 तक थे। गलती से सुबह टाइप हो गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दोबारा उद्योगों का बंद करवाया। बॉयलर चलने के बाद उसे बंद करने के लिए कम से कम तीन घंटे का समय चाहिए।  

 

प्रदूषण स्तर 300 से ऊपर रहा 

सुबह पानीपत का प्रदूषण स्तर 300 से ऊपर रहा। जो शाम चार बजे घटकर 238 पर आ गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सीनियर साइंटिस्ट राजेश गढिय़ा ने बताया कि अभी प्रदूषण स्तर में सुधार नहीं हुआ है। 24 घंटे का औसतन लगाया जाता है। एक्यूआइ 300 से अधिक रहा है। 

अक्टूबर के अंतिम छह दिनों मे तीन सौ से ऊपर रहा प्रदूषण इंडेक्स 

पानीपत का प्रदूषण इंडेक्स अक्टूबर के अंतिम छह दिनों में 300 से उपर रहा। नवंबर के पहले सप्ताह में भी यही स्थिति बनी। आठ नंवबर को पहले दिन 300 से नीचे प्रदूषण इंडेक्स आया। 

48 घंटे में प्रदूषण स्तर में सुधार की उम्मीद नहीं 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नेतृत्व में बनी टास्क फोर्स ने मौसम का रिव्यू किया। जिसके मुताबिक आगामी 48 घंटे तक प्रदूषण स्तर में सुधार की संभावना नहीं है। टास्क फोर्स ने सोमवार तक उद्योगों पर प्रतिबंध जारी रखने का सुझाव दिया। जिस पर ईपीसीए के चेयरमैन भूरेलाल ने प्रतिबंध के आदेश जारी कर दिए। 

इन उद्योगों पर प्रतिबंध 

-दिल्ली सहित एनसीआर में होट मिक्स स्टोन क्रशर प्लांट 11 नवंबर तक बंद रहेंगे। 

-सभी कोयले व अन्य ईंधन पर चलने वाले उद्योग बंद रहेंगे। पावर प्लांट व पीएनजी पर चलने वाले उद्योगों पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा। प्रतिबंध, गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर  नोएडा, सोनीपत, पानीपत, बहादुरगढ़, और भिवाड़ी में लागू रहेगा। 

टीमें गठित कर निरीक्षण होगा 

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नवनियुक्त आरओ संदीप सिंह ने कहा कि टीमें गठित की जा चुकी है। दिन रात उद्योगों का निरीक्षण किया जाएगा। जो उद्योग चलता पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। ईपीसीए के आदेशों का पालन करवाया जाएगा। उन्होंने उद्यमियों से भी उद्योग बंद रखने का आग्रह किया। 

Posted By: Anurag Shukla

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप