पानीपत, [महावीर गोयल]। पानीपत के 366 उद्योगों को फैक्ट्री एक्ट 1948 के तहत लाइसेंस फीस जमा न करवाने पर नोटिस जारी किया गया है। नोटिस जारी होने से उद्योगों को हड़कंप मचा हुआ है। सहायक निदेशक इंडस्ट्री सेफ्टी एंव हेल्थ (संबंधित श्रम विभाग) ने बिना लाइसेंस के चल रहे उद्योगों का लीगल नोटिस जारी किया है।

उद्योगों को दो दिनों के अंदर लाइसेंस फीस ऑन लाइन जमा करने के आदेश जारी किए हैं। नोटिस में कहा गया है कि सरल पोर्टल से उद्योगों ने फैक्टरी चलाने की अनुमति ली है। चीफ इंस्पेक्टर फैक्टरी श्रम विभाग हरियाणा से जानकारी मिली है कि फैक्ट्रियों ने लाइसेंस फीस जमा नहीं करवाई है। फैक्ट्री एक्ट 1948 के तहत यह फीस जमा होनी है। सेक्शन सात की उद्यमी अनुपालना नहीं कर रहे हैं। 

सरल पोर्टल पर जिन फर्मों ने लॉकडाउन में चलाने की अनुमति ली वे सभी सेक्टर 25, सेक्टर 29 पार्ट 1 वे 2 के उद्योगों को ये नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें एक्सपोर्टर से लेकर अन्य सभी छोटे बडे उद्योग शामिल किए गए हैं। वहीं, लेबर कमिश्नर पंकज अग्रवाल ने कहा कि सरल पोर्टल पर जिन उद्योगों, कर्मशियल संस्थानों ने अनुमति ली थी उनका बेसिक डाटा तैयार करने के लिए कहा गया था। सेक्टरों के उद्योगों पहले से ही सिस्टम में है। नोटिस की जानकारी नहीं है। 

चैंबर ने जताया एतराज 

हरियाणा चैंबर आफ कॉमर्स के चेयरमैन विनोद खंडेलवाल ने कहा कि सेक्टरों में उद्योग लगाने से पहले लाइसेंस लेना होता है। बिना लाइसेंस के उद्योग नहीं लगते। लाइसेंस फीस के लिए सेक्टरों से बाहर के उद्योगों का नोटिस दिया जा सकता है। सेक्टरों में लगे उद्योगों को नहीं। इस मामले को लेकर उद्यमी सांसद से मिलेंगे। लॉकडाउन के बाद उद्योग चलने लगे हैं उन्हें परेशान नहीं होने दिया जाएगा। लेबर संकट से जूझ रहे उद्योग अभी पूरी तरह से चल नहीं सके हैं। विभाग ने उन्हें नोटिस थमाना शुरू कर दिया है।  

 

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