नकली अफसर बनने का शौक पड़ा भारी, पानीपत में फर्जी नंबर प्लेट-सायरन वाली गाड़ी में घूमने वाले पिता-पुत्र पर FIR
पानीपत में पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट और सायरन लगी गाड़ियों में सरकारी अधिकारी बनकर घूमने वाले पिता-पुत्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

एर्टिगा और सियाज कार पर लगे थे सायरन और सरकारी प्लेट।
HighLights
पानीपत में फर्जी नंबर प्लेट-सायरन वाली गाड़ियों संग पिता-पुत्र गिरफ्तार
सरकारी अधिकारी बनकर एर्टिगा और सियाज कारों में घूमते थे
हथवाला रोड पर यातायात जांच में पुलिस ने वाहन जब्त किए
जागरण संवाददाता, पानीपत। हथवाला रोड पर यातायात जांच के दौरान पुलिस ने सरकारी अधिकारी बनकर रौब जमाने के लिए वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट और सरकारी पहचान दर्शाने वाले शब्द लगाने के मामले में पिता-पुत्र के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस ने मौके से दोनों कारें बरामद की हैं। दोनों वाहनों में सायरन भी लगे मिले। आरोपितों की पहचान कृष्णा कालोनी निवासी राहुल और उसके पिता राजबीर के रूप में हुई है।
वाहनों की जांच के दौरान पकड़े गए पिता-पुत्र
ट्रैफिक जोन प्रभारी सतीश कुमार ने समालखा चौकी में दी शिकायत में बताया कि वह चार अक्टूबर को पुलिसकर्मियों के साथ हथवाला रोड पुल पर वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि राहुल अपनी मारुति एर्टिगा कार पर सरकारी नंबर लगाकर सरकारी अधिकारी बनकर शहर में घूमता है।
फर्जी अधिकारी बनना पड़ा भारी
सूचना पर पुलिस टीम एसएफसी होटल के पीछे गली में पहुंची। वहां सफेद रंग की एर्टिगा खड़ी मिली था। कार के पीछे लाल अक्षरों में अंग्रेजी में ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ लिखा था। इसी स्थान पर सफेद रंग की एक सियाज कार भी खड़ी मिली। उसकी डिग्गी पर ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया पीबीएसएम मिनिस्ट्री’ लिखा था। कार के आगे-पीछे लगी फ्रेम में भी सरकारी पहचान दर्शाने वाली प्लेट लगी थी।
जांच में सामने आया असली नंबर
पुलिस के अनुसार दोनों वाहनों के नंबर चालान मशीन से जांचे गए, लेकिन जानकारी नहीं मिली। इसी दौरान राजबीर वहां पहुंचा और दोनों कारों का मालिक होने की बात कही। पुलिस द्वारा आरसी मांगे जाने पर वह दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
कार खोलने के बाद चेसिस नंबर से जांच की गई तो एर्टिगा का मिला। यह कार राहुल के नाम पर पंजीकृत मिली। वहीं सियाज का असली नंबर मिला और वह राजबीर के नाम पर पंजीकृत पाई गई।
पुलिस के मुताबिक दोनों वाहनों में सायरन लगे हुए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल ने अपनी कार की असली नंबर प्लेट हटाकर सरकारी नंबर वाली फर्जी प्लेट लगाई, जबकि राजबीर ने अपनी कार की नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की।
