पानीपत, जागरण संवाददाता। पानीपत के संत नगर की एक विधवा का बिजली बिल तीन सालों में बढ़कर करीब 21.89 लाख पहुंच गया। समाजसेवी संदीप भारद्वाज सहित दर्जनों लोगों ने विधवा के साथ निगम दफ्तर जाकर ढोल बजाया सोए कर्मियों को जगाने का  प्रयास किया। अधिकारियों के नहीं होने से तीन घंटे इंतजार किया। फोन पर बिल ठीक करने का भरोसा मिलने के बाद वापस आ गए।

विधवा ने की बिजली निगम के नाम मकान कराने की पेशकस

विधवा सुमन ने बताया कि उसके पास शहर के संत नगर में 60 वर्गगज जमीन है। उस पर मकान बना है।  उसने निगम से दो किलोवाट बिजली का कनेक्शन लिया है। उसके बच्चे अलग मकान में परिवार सहित दूसरी जगह रहते हैं।

करीब तीन साल पहले संत नगर की एक विधवा को भेजा था 9 लाख का बिल

उसका जून, 2019 तक  का बिजली  बिल  क्लेयर है। विधवा के अनुसार तीन साल पहले निगम ने उसे गलती से 9 लाख रुपये का बिल भेज दिया। गलती मानी और ठीक करने का भरोसा दिया। ठीक नहीं होने पर उसने सीएम विंडो सहित निगम के कार्यालय में कई बार गुहार लगाई, लेकिन बिल ठीक नहीं हुआ। बिल पर चक्रवृद्धि ब्याज लगने से वह तीन सालों में 21,89 लाख पहुंच गया।

पेंशन के सहारे जी रही बुजुर्ग

65 वर्षीय विधवा सुमन सरकारी पेंशन और मजदूरी के बल पर अपना पेट भर रही है। उसने बिल भरने में असमर्थता जाहिर की। साथ ही बिल के एवज में निगम से अपनी 60 वर्गगज पर बने मकान अपने नाम करवा देने की बात कही है।

समाजसेवी ने उठाया बीड़ा

खलीला प्रहलादपुर के समाजसेवी संदीप भारद्वाज ने बताया कि वह भी विधवा की मदद के लिए दो बार बिजली कार्यालय गया है। अधिकारी और कर्मचारियों ने पहले भी भरोसा दिया था, लेकिन किसी ने तीन माह में विधवा के कार्यों की सुध नहीं ली।

तीन साल से धक्का खा रही विधवा, निगम कर्मचारियों ने नहीं ठीक किया बिल

मजबूरी में मंगलवार को समूह में ढोल-नगाड़े के साथ बिजली दफ्तर अधिकारी और कर्मचारियों को जगाने जाना पड़ा। निगम के मेगा बिजली चोरी पकड़ो अभियान क कारण किसी अधिकारी से मुलाकात नहीं हई। तीन घंटे इंतजार करने के बाद वापस आ गया।

Edited By: Naveen Dalal

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