पानीपत आहद अपहरण केस: बस से बच्चे को लखनऊ लेकर पहुंचा था किडनैपर, एक लाख रुपये में हुआ था सौदा; दो गिरफ्तार
पानीपत पुलिस ने 15 सितंबर को लापता हुए पांच वर्षीय आहद के अपहरण की गुत्थी सात दिन में सुलझा ली है।

HighLights
पांच वर्षीय आहद का अपहरण केस सात दिन में सुलझा।
पुलिस ने मासूम आहद को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा।
दो आरोपी गिरफ्तार, बच्चे को यूपी में बेचने का था सौदा।
जागरण संवाददाता, पानीपत। पूरेवाल कॉलोनी से 15 सितंबर को लापता हुए पांच वर्षीय आहद के अपहरण की गुत्थी पुलिस ने सात दिन की कड़ी मशक्कत के बाद सुलझा ली। मासूम को सकुशल बरामद कर उसके स्वजन के हवाले कर दिया। मामले में शाहजहांपुर के गांव भरगवा निवासी शंकर लाल और उत्तर प्रदेश के सीतापुर निवासी समरतंज्य उर्फ सूरज को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में सामने आया कि आरोपितों ने बच्चे को उत्तर प्रदेश में एक लाख रुपये में बेचने का सौदा किया था। इसके बाद उसे तीन लाख रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की योजना थी। मंगलवार को दोनों आरोपितों को अदालत में पेश किया।
एसपी मेधा भूषण के निर्देश पर करीब 30 पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। साइबर टीम ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चे को पानीपत से अगवा करने के बाद आरोपित उसे पहले आटो से ले गया। इसके बाद रोडवेज बस से दिल्ली के रास्ते लखनऊ पहुंचा। यहां बच्चे को सीतापुर निवासी आरोपित को एक लाख रुपये में बेचने का सौदा किया गया था।
हरदोई जेल में हुई थी आरोपितों की पहचान
जांच में यह भी पता चला कि दोनों आरोपितों की आपस में पहचान हरदोई जेल में हुई थी। जेल में दोस्ती के बाद दोनों संपर्क में रहे। पुलिस पता लगा रही है कि अपहरण की योजना कब और कैसे बनाई गई व इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एसपी मेधा भूषण ने आपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों, साइबर सेल और सीआइए टीम की कार्यशैली की सराहना करते हुए विशेष रिवॉर्ड देने की घोषणा की।
