कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। हरियाणा के कई जिलों में मौसम में अचानक परिवर्तन आया है। बारिश ने दस्‍तक दे दी। इसकी वजह से खेत में लगी फसल बिछ गई। वहीं मंडी में आया धान भी भीग रहा है। हरियाणा में मंडियों में धान की फसल की खरीद चल रही है। अचानक बारिश और बदलते मौसम की वजह से किसान परेशान है।

कुरुक्षेत्र में धान की आवक तेज है। अब तक 6 लाख 95 हजार 465 मीट्रिक टन धान की खरीद जा चुकी है। इसमें से फुड एंड सप्लाई ने 534747 एमटी, हैफेड ने 160502 एमटी और एफसीआई ने 216 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। अब तक 513058 मीट्रिक टन धान का उठान कार्य पूरा कर लिया गया है। अहम पहलू यह है कि अब तक कुल 87905 किसानों की धान की फसल खरीदी जा चुकी है।

जिले में 18 मंडियों व खरीद केंद्रों पर खरीद कार्य चल रहा है। केंद्रों पर धान की खरीद का कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। खरीद केंद्रों पर किसान अपनी फसलों को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार लेकर पहुंच रहे है। जिला कुरुक्षेत्र के सभी मंडियों व खरीद केंद्रों से सभी एजेंसियों के खरीद कार्य व उठान कार्य से सम्बंधित रिपोर्ट डीएफएससी द्वारा एकत्रित की जा रही है।

जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक की रिपोर्ट के आधार पर जिला कुरुक्षेत्र के अजराना कलां मंडी में 4689, बाबैन मंडी में 44610 एमटी, भौर सैयदां में 2095 एमटी, चढुनी जाटान में 2257 एमटी, गुमथला गढु में 18540 एमटी, इस्माईलाबाद में 80703 एमटी, झांसा में 19221 एमटी, कुरुक्षेत्र मंडी में 134759 एमटी, लाडवा मंडी में 86041 एमटी, लुखी मंडी में 349 एमटी, मलिकपुर मंडी में 2835 एमटी, नलवी मंडी में 4123 एमटी, पिपली मंडी में 42444 एमटी, पिहोवा मंडी में 121031 एमटी, शाहबाद मंडी में 108525 एमटी, ठोल मंडी में 20104 एमटी, थाना में 3139 एमटी धान की फसल खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदा गया है। अब तक खरीदी गई कुल 695465 एमटी धान में से 513058 एमटी धान का उठान कार्य पूरा कर लिया गया है।

प्रशासन का दावा नहीं आएगी दिक्कत

डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि कहीं पर भी किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं है, अगर कोई दिक्कत आती है तो उसे तुरंत दुरुस्त किया जा रहा है। सभी मंडियों में बारदाना पर्याप्त मात्रा में पहुंचाया जा रहा है। सभी अधिकारियों व एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं।

आलू की बिजाई भी प्रभावित

जिले में धान के बाद आलू की बिजाई जाती है। आलू बिजाई तेजी से चल रही है। दो दिन से मौसम बिगड़ने के बाद बिजाई कार्य भी ठप हो गया है। वहीं गन्ना उत्पादक किसानों को भी गन्ना गिरने का खतरा सता रहा है। साथ ही धान की पछैती किस्म बासमती व 1509 को भी नुकसान है।

राइस मिलर ने जताई चिंता

हरियाणा राइस मिलर एसोसिएशन के चेयरमैन ज्वैल सिंगला ने बताया कि बेमौसमी बारिश से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने इसके लिए राहत पैकेज की मांग की है। धान में चावल की रिकवरी 64 फीसद व टुकड़ा 35 और डैमेज पांच फीसद करने की मांग की है। उन्होंने मीलिंग 100 रुपये क्विंटल करने की मांग की है। इसके साथ मिलरों को धान सूखाने का अतिरिक्त चार्ज देने की मांग उठाई है। उन्हाेंने कहा कि इस बार धान दो-दो बार सूखाना पड़ेगा।

Edited By: Anurag Shukla