पानीपत, जेएनएन। राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश  के बड़े शहरों में स्थित अस्पतालों में मरीजों को बेड नहीं मिल रहे हैं। स्वजन अब मरीजों को लेकर पानीपत की ओर दौड़ रहे हैं। ऑक्सीजन और वेंटीलेटर के अभाव में यहां भी मरीजों को दम निकल रहा है। शुक्रवार को एक-एक कर पांच मरीजों की मौत हुई। दो ने एंबुलेंस में दम तोड़ा तो एक की सिविल अस्पताल में मौत हो गई।

एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म, वृद्धा की मौत

दिल्ली का पालम एरिया, राजनगर वासी दिनेश और विनोद ने जागरण को बताया कि 70 वर्षीय मां को बुखार-खांसी और सांस लेने में दिक्कत थी। ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल मात्र 56 था। दिल्ली के कई अस्पतालों में ले गए, बेड खाली नहीं मिला। ऑक्सीजन वाली एंबुलेंस से पानीपत लेकर पहुंचे। यहां कई निजी अस्पतालों में घूमे, बेड नहीं मिला। सिविल अस्पताल के बाहर ही एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म हो गई। चंद मिनटों में ही मां ने दम तोड़ दिया। सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ तो यहां किसी अन्य मृतक के नाम का टैग लगा दिया। मृतक का आधार कार्ड दिखाया, मां का चेहरा देखा,अब शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे हैं।

सिविल अस्पताल में वृद्धा ने दम तोड़ा

उप्र. गाजियाबाद के नासिरपुर के वासी यशपाल मलिक ने बताया कि वृद्ध मां कोरोना पाजिटिव थी। शुक्रवार को मां की हालत अधिक बिगड़ गई। गाजियाबाद-दिल्ली में कहीं बेड नहीं मिला तो उन्हें पानीपत लेकर पहुंचे।यहां निजी अस्पतालों में बेड नहीं मिला तो सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां ऑक्सीजन तो थी, ऑपरेटर ठीक से ऑक्सीजन नहीं दे पा रहा था। ऑक्सीजन लीक होने के कारण फेफड़ों तक नहीं पहुंच रही थी। इसी दौरान मां की मौत हो गई।

हैदराबादी अस्पताल में भी नहीं वेंटीलेटर

दिल्ली के कराला निवासी पवन ने बताया कि 52 वर्षीया मां धर्मदेवी कोरोना पाजिटिव थी। शुक्रवार को उन्हें सनौली रोड स्थित हैदराबादी अस्पताल में लेकर पहुंचे। पहले तो ऑक्सीजन बेड मिलने में काफी देर लगी। इसके बाद वेंटीलेटर भी देर से मिला। नतीजा, मां की मौत हो गई। दिल्ली से पानीपत तक 10 से अधिक अस्पतालों में पता किया था, हर जगह ऑक्सीजन और वेंटीलेटर युक्त बेड की कमी थी।

कोविड अस्पताल में नहीं मिला वेंटीलेटर

दिल्ली, मुखर्जी नगर एरिया के इंद्र विहार युवक ने जागरण को फोन पर बताया कि 55 वर्षीय सुरेश गुलाटी को जीटी रोड पानीपत स्थित कोविड अस्पताल में भर्ती कराया था। मरीज को वेंटीलेटर की जरूरत पड़ी लेकिन खाली नहीं थे। करीब एक घंटे मरीज को लेकर इधर से उधर घूमते रहे। नतीजा, मरीज ने दम तोड़ दिया।

वेंटीलेटर नहीं मिला, एंबुलेंस में मौत  

गांव जाटल निवासी 40 वर्षीय संदीप कोरोना संक्रमित थे। स्वजन मरीज को लेकर बिशनस्वरूप कॉलोनी स्थित कोविड अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां वेंटीलेटर बेड उपलब्ध नहीं था। करनाल स्थित कल्पना चावला अस्पताल में पता किया तो वेंटीलेटर बेड था। स्वजन मरीज से एंबुलेंस से लेकर करनाल चल दिए। मरीज को सिलेंडर से ऑक्सीजन दी जा रही थी। रास्ते में मरीज ने दम तोड़ दिया।

मौतों की जांच करेंगे

सिविल सर्जन डा. संजीव ग्रोवर ने बताया कि दिल्ली से आने वाले कोरोना संक्रमितों की संख्या एकाएक बढ़ी है। निजी अस्पतालों में भी काफी मरीज भर्ती हो रहे हैं। शुक्रवार को हुई मौतों के मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। किसी अस्पताल की लापरवाही से मरीज की मौत हुई होगी तो कार्यवाही करेंगे।

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