जागरण संवाददाता, पानीपत: स्वास्थ्य सेवाएं, हरियाणा के डायरेक्टर डॉ. विश्वनीत पल्स ने शनिवार को पोलियो प्रतिरक्षण अभियान की समीक्षा की। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नवीन सुनेजा के कार्यालय में उन्होंने कहा कि इस बार वैक्सीनेटर्स ओआरएस के पैकेट भी साथ लेकर जाएंगे। किसी बच्चे को उल्टी-दस्त है तो उसे ओआरएस का घोल पिलाएंगे। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग टीम ने एक दिन पहले शनिवार को ही वैक्सीन पिलानी शुरू कर दी।

वैक्सीनेटर्स को दी हिदायतें

डॉ. विश्वनीत ने बताया कि तापमान करीब 42 डिग्री सेल्सियस है। हीट स्ट्रोक के कारण वैक्सीन खराब होने का डर बना रहता है। सभी वैक्सीनेटर्स को ट्रेनिग दी गई है कि वैक्सीन वायल मॉनीटर पर नजर रखें। वॉयल मीटर में वैक्सीन रंग बदलने लगे तो उसे बच्चों को न पिलाएं। सभी बूथ छाया में होने चाहिए, बैनर-पोस्टर लगाएं ताकि दूर से दिखे जाएं। कोई बच्चा उल्टी-दस्त से पीड़ित है और नाजुक है तो उसे एंबुलेंस से नजदीक के सरकारी अस्पताल पहुंचाया जाएगा। पोलियो बूथ पर पार्षद, सरपंच, पंच, शिक्षकों, समाजसेवियों की मदद ली जाए।

गर्मी के कारण एक दिन पहले शुरू हुआ अभियान

डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नवीन सुनेजा ने बताया कि अभियान 16 से 18 जून तक चलना था। जिले में 0 से 5 साल के करीब 2 लाख 13 हजार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जानी है। गर्मी को देखते हुए शनिवार से ही घर-घर बच्चों को वैक्सीन पिलानी शुरू कर दी है, ताकि लक्ष्य पूरा हो सके। जिले में 719 बूथ बनाए हैं और 2600 वैक्सीनेटर्स की ड्यूटी लगाई गई है।

17 ट्रांजिट पोस्ट बनाए

डॉ. मनीष पासी ने बताया कि बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, मॉल सहित 17 ट्रांजिट पोस्ट बनाए हैं। 106 ईंट भट्टे कवर किए जाएंगे। पहले दिन बूथों पर 17 और 18 जून को सभी टीमें घरों में दस्तक देकर बच्चों को खुराक पिलाएंगी।

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Posted By: Jagran