पानीपत, जेएनएन। एक नाबालिग की शादी उसकी मर्जी के बगैर कराने की तैयारी थी। सूचना मिलने पर महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने लड़की और परिजनों को कार्यालय में बुलवा लिया। शरीर पर पिटाई और मेहंदी के निशान देख पूछताछ हुई तो वह फफक कर रोने लगी। उसने बताया कि शादी हो रही थी, यह सच छिपाने के लिए परिजनों ने उसे पीटा है।

मूल रूप से हिसार निवासी राजू की एक रिश्तेदार सावित्री मॉडल टाउन में रहती है। राजू हलवाई है और उसकी पत्नी घरों में चौका-बर्तन करती है। राजू की मां और भाभी उसकी 16 वर्षीया पुत्री को लेकर सोमवार को मॉडल टाउन पहुंची। उत्तर प्रदेश, जिला सहारनपुर के गांव ददनौर से सतपाल पुत्र धनीराम 5-6 बरातियों के साथ पहुंचा हुआ था। इसी दौरान किसी ने बाल विवाह की सूचना दी और लड़की के परिजनों का मोबाइन फोन नंबर भी दिया। बताए गए नंबर पर कॉल की गई तो उन्होंने घर का सही पता नहीं बताया। पुलिस पहुंचने की चेतावनी देने पर परिजन लड़की सहित कार्यालय में आने के लिए तैयार हुए।

पहले तो शादी कराने से इंकार करते रहे
हल्दी-मेहंदी लगी होने पर सख्ती से पूछताछ की गई तो लड़की ने सच उगल दिया। उसने शरीर पर पिटाई के निशान भी दिखाए। रजनी गुप्ता के मुताबिक फिलहाल लड़की को ओपन शेल्टर होम में भेजा गया है। लड़की के पिता और मां को कार्यालय में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।

माता-पिता नहीं आए थे
रजनी गुप्ता ने बताया कि इस शादी में लड़की के माता-पिता जानबूझकर नहीं आए थे। उन्हें डर था कि पूरा परिवार एक साथ पहुंचेगा तो नाबालिग की शादी की भनक किसी को लग जाएगी। दादी का कहना था कि पौत्री के जल्द हाथ पीले हो जाएं, इसके चलते विवाह करा रहे थे।

पार्षद के पास भी पहुंचे 
कार्यालय बुलाने के लिए जब नवयुवती की दादी और ताई को कॉल की गई तो दोनों पहले एक पार्षद के घर सलाह लेने पहुंच गईं। जब उन्हें बताया गया कि मोबाइल नंबर के आधार पर घर का पता ट्रेस कर लिया गया है, नहीं आए तो पुलिस पहुंच जाएगी। पुलिस घर न पहुंचे इस डर से दोनों लड़की को लेकर कार्यालय पहुंची।

Posted By: Ravi Dhawan

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