जागरण संवाददाता, समालखा : उपमंडल अस्पताल के ओपीडी भवन में विगत एक सप्ताह से बिजली सप्लाई बंद है। मकान में करंट आने के डर से उसे चालू नहीं किया जा रहा है। बाहर से तार ले जाकर चंद कमरों में जरूरी सप्लाई दी जा रही है। डेंटल, नेत्र, स्टोर सहित अन्य जगहों पर काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हादसे का डर रहता है।

लोक निर्माण विभाग ने करीब 33 करोड़ की लागत से ओपीडी और इमरजेंसी भवनों का निर्माण तीन साल पहले करवाया था। पुरानी सीएचसी को उपमंडल अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद नवंबर, 2019 में नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया। अपने निर्माण के समय से ही ओपीडी भवन की छत लीक कर रही है। सीलन से दीवार और छत के अंदर काई जमी है। बरसात सहित छत की टंकी के ओवरफ्लो होने पर पानी टपकता रहता है। मरीजों और अभिभावकों सहित कर्मचारियों को आवाजाही में दिक्कत होती है। अंडरग्राउंड बिजली वायरिग के कारण भवन में करंट लगने का डर रहता है। कई बार दीवार में करंट आ भी चुका है, जिससे सप्लाई बंद की गई है। सूचना लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दी गई है। उनके भरोसे के बाद भी ठेकेदार छत की मरम्मत नहीं कर रहा है, जबकि इसके चलते काम प्रभावित हो रहा है। आश्वासन ही मिला है

एसएमओ संजय कुमार कहते हैं कि भवन हैंडओवर नहीं हुआ है। अभी मेंटीनेंस में है। करंट के डर से सप्लाई बंद कर दी गई है। लोकनिर्माण को बार-बार पत्र लिखा जा रहा है, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं हुआ है। लोक निर्माण के एसडीएम शमशेर सिंह कहते हैं कि एक्सईएन को मामले से अवगत करा दिया गया है। ठेकेदार को मरम्मत के लिए बोला गया है। मरम्मत नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम विजेंद्र हुड्डा ने बताया कि विभाग के पास ठेकेदार की सुरक्षा मनी संरक्षित होती है। अभी रखरखाव का समय भी शेष बचा है। एसडीओ को ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाने कहा गया है।

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