पानीपत (विज्ञप्ति): पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने प्रदेश के 55 स्कूलों की दशा में सुधार करने के साथ वहां बुनियादी सुविधाएं प्रदान कराने के आदेश दिए हैं। हाई कोर्ट ने ये आदेश सोशल जूरिस्ट ए सिविल राइट्स ग्रुप की याचिका पर सुनवाई के बाद दिए। साथ ही आगे भी याचिकाकर्ता किसी सरकारी स्कूल की स्थिति के बारे में सरकार को जानकारी दे तो उस पर भी उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इसमें पानीपत जिले का भी वधावा राम कालोनी का स्कूल है।

एडवोकेट अशोक अग्रवाल 22 दिसंबर, 2021 को पानीपत के कई स्कूलों का निरीक्षण करके गए। उन्होंने वार्ड तीन के राजकीय स्कूल की कंडम स्थिति को देखा। जहां एक ही भवन में दो स्कूल चलाए जाते हैं। ऊपर से बिल्डिग भी कंडम हो चुकी है। उन्होंने स्कूलों की उक्त स्थिति को लेकर हाई कोर्ट में दायर याचिका में उक्त स्कूल की स्थिति को भी शामिल किया। उन्होंने याचिका में उच्च न्यायालय से प्रदेश के राजकीय स्कूलों की बदहाल स्थिति, जर्जर स्कूल बिल्डिग, कमरों, टीचर व बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर सरकार से जवाब तलब करने और स्कूलों की दशा में सुधार करने के लिए आदेश देने का अनुरोध किया। इस पर 20 जनवरी को चीफ जस्टिस व न्यायाधीश अरुण पल्ली की डबल बेंच में सुनवाई हुई।

सरकार की ओर से हाई कोर्ट में पेश हुए एएजी ने बताया कि सोशल जूरिस्ट की मूल याचिका 214/2019 में दर्शाए गए सभी आठ राजकीय स्कूलों की दशा में सुधार करने का प्रयास किया गया है। वहीं हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि सोशल जूरिस्ट द्वारा नवंबर 2019 से लेकर दिसंबर 2021 तक पानीपत, फरीदाबाद, पलवल व गुरुग्राम सहित 10 जिलों के 55 राजकीय स्कूलों की जर्जर व कंडम हो चुकी बिल्डिग, कमरों, शिक्षक व जरूरी संसाधन की कमी का जो विवरण सरकार को भेजा गया है, जिन्हें नई याचिका में शामिल किया गया है उन पर भी शीघ्र कार्रवाई की जाए।

आल इंडिया पेरेंट्स एसोसिएशन की वाइस प्रेसिडेंट सुधा झा ने बताया कि दायर याचिका में अनुरोध किया गया है कि हरियाणा के प्रत्येक जिले में डीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाए। जिले के सभी राजकीय स्कूलों में जाकर वहां की बिल्डिग, कमरों, टीचर व संसाधनों की कमी का पता लगाकर सरकार को अपनी रिपोर्ट भेजे। सरकारी स्कूलों का कायाकल्प हो सकेगा।

Edited By: Jagran