पानीपत, [राज सिंह]। देसां म्ह देसा हरियाणा, जित दूध दही का खाना। हरियाणा के बारे में दुनियाभर में यह कहावत मशहूर है। लेकिन बदलते दौर में हरियाणवी फास्टफूड का सेवन करने लगे हैं। खानपान पूरी तरह से बदल गया है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में लोगों की तोंद बढ़ रही है। करीब 20 प्रतिशत पुरुष मोटापा के शिकार है। महिलाओं की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। शहरी क्षेत्र में 30 फीसद जनसंख्या मोटापा से ग्रस्त है। नतीजा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, दिल की बीमारियों सहित अन्य रोगों का खतरा साल-दर-साल बढ़ रहा है। एवरीबडी नीड्स एवरीबडी थीम पर मंगलवार को विश्व मोटापा दिवस मनाया जा रहा है। जागरण में पढि़ए में विशेष रिपोर्ट। 

ये है मोटापा के मुख्य कारण

खराब खानपान और रहन-सहन मोटापा के मुख्य कारण हैं। पानीपत के सिविल अस्पताल के कंसल्टेंट डा. जितेंद्र त्यागी ने बताया कि अनियमित दिनचर्या और खान-पान से मोटापा गंभीर समस्या बन गया है। शरीर पर वसा की परतें इतनी मात्रा में जम जाती हैं कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाती हैं। मोटापा बीमारी तो नहीं, कई बीमारियों की वजह जरूर बनता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हार्ट अटैक, अस्थमा, कोलेस्ट्राल बढऩा, अत्यधिक पसीना आना, जोड़ों में दर्द, पेट में गैस बनना मुख्य हैं। 

मोटापे से महिलाओं को सिजेरियन डिलीवरी, बांझपन आदि का खतरा बढ़ जाता है। बच्चे-किशोर भी मोटापा के शिकार हैं। डा. त्यागी के मुताबिक नमक, चीनी, मैदा, दूध से बनी खाद्य सामग्री, जंक फूड का सेवन न करें, नियमित व्यायाम करें तो मोटापा कभी नहीं होगा। 

मोटापा के मुख्य कारण 

-व्यायाम या सक्रियता में कमी।

-मोबाइल-टीवी को ज्यादा वक्त देना।

-ज्यादा समय तक वाहनों में यात्रा करना।

-रात्रि में खाना खाते ही सो जाना। 

ये उपायें करें, नहीं बढ़ेगा मोटापा 

-खाली पेट न रहें। 

-हर तीन-चार घंटे में भोजन करें। 

-स्वाद के चक्कर में अधिक भोजन न खाएं।

-हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी और सरसों खूब खाएं।

-थाली में प्रोटीन जरूर हो।

-योग-व्यायाम करें। 

-पेट-कमर की चर्बी कम करने के लिए विशेष आसन करें।

-सुबह के नाश्ते में अंकुरित चना, दलिया या ओट््स का सेवन करें।

-सुबह नाश्ते में फलों का सेवन या जूस भी पी सकते हैं।

घरेलू नुस्खे भी आजमाएं 

-रोज सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिला कर पिएं।

-एक गिलास पानी में अदरक के कुछ टुकड़े डाल कर उबाल लें, इसका पानी पिएं।

-एक कप गरम पानी में तीन चम्मच नीबू का रस, काली मिर्च और एक चम्मच शहद मिला कर पिएं।

-दूध-चीनी वाली चाय की जगह ग्रीन टी पिएं।

-एलोवेरा का किसी रूप में भी सेवन से चर्बी कम होती है।

-चावल, दूध-चीनी से बने उत्पादों का कम सेवन करें।

-पैकेट बंद खाद्य सामग्री का सेवन न के बराबर करें।

-जंक फूड का सेवन तो बिल्कुल बंद ही कर दें।

-घर के बने भोजन में भी चिकनाई-नमक की मात्रा कम रहे।

मोटापे से इन रोगों का भी खतरा 

-कई प्रकार तरह के कैंसर

-प्रजनन क्षमता में कमी

-हार्ट अटैक

-लिवर में मोटापा

-नसों में दर्द रहना

-अस्थमा, तनाव

-पैरों में सूजन

-कमर में दर्द

मोटापा दूर करने के आसन 

अनुलोम-विलोम : सिद्धासन या पद्मासन में बैठ जाएं। दाएं हाथ को दाएं घुटने पर आराम से टिका दें व बाएं हाथ के अंगूठे से नाक का बायां छिद्र बाधित करें। फिर दाएं छिद्र से गहरी श्वास अंदर लें। अब बायां छिद्र मुक्त करें और दायां छिद्र बाधित करें। अंदर ली हुई श्वास बाएं छिद्र से बाहर निकालें। इस प्रक्रिया को 10-12 बार दोहराएं।

नौकासन : आकाश की ओर मुंह कर पीठ के बल सीधे लेट जाएं। हाथों को सीधा कमर से सटा कर रखें,हथेलियों को जमीन की ओर रखें। धीरे-धीरे गर्दन ऊपर की ओर ले जाएं, अपने हाथ सीधे रखते हुए ही गर्दन के समान ऊपर उठाएं। साथ-साथ उसी तरह अपने पैर भी उठाएं और एक नौका का रूप लें। इसी मुद्रा में 25-30 सेकंड तक बने रहें, दो से तीन बार दोहराएं।

बालासन : मोटापा कम करने में बेहद मददगार है। जमीन पर बिछाकर एडिय़ों के बल पर बैठ जाएं। हाथ ऊपर की तरफ उठे हुए होने के साथ, श्वास बाहर छोड़ते हुए, अपना माथा जमीन पर टेक दें। इसके बाद इसी पोज में तीन मिनट तक रहने की कोशिश करें।

कुक्कुरासन : सीधा लेटते हुए शरीर के अगले आधे हिस्से को जमीन से उठाते हैं, बाकी का हिस्सा जमीन पर होता है। जमीन पर टिकेपंजे पर आपके शरीर का पूरा वजह होना चाहिए। शरीर को इस आसन में उठाते-गिराते हैं तो इससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

कुर्सी की आकृति : यह आसन कुर्सी की आकृति पर आधारित है। पहले आप सीधे खड़े हों और फिर थोड़े से झुक जाएं। अब अपने शरीर के बीच के भाग को गिराएं। शरीर को उसी की तरह रखते हैं जिससे स्पाइन से लेकर पेट तक में ङ्क्षखचाव आता है। पेट की चर्बी भी कम होती है और मोटापा भी दूर होता है।

धनुरासन : पेट के बल लेटकर शरीर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। इसके बाद पिछले हिस्से को भी ऊपर उठाएं। अब अपने दोनों पैरों को दोनों हाथ से पकड़ लें और धनुष की आकृति बनाएं। इस स्थिति में आप कुछ देर तक रहने के प्रयास करें।

Edited By: Rajesh Kumar