जागरण संवाददाता, पानीपत : आइटीआइ करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए खबर अच्छी है। अब किसी भी ट्रेड में दाखिला लेने से पहले न केवल उसके बारे में जान सकेंगे, बल्कि डिप्लोमा करने के बाद उसमें रोजगार की संभावनाओं का भी पता लगा सकेंगे। इसको लेकर आइटीआइ में हर ट्रेड की जानकारी से संबंधित वीडियो तैयार कराए जा रहे हैं, जिन्हें निदेशालय भेजा जाएगा। आइटीआइ प्रिसिपल का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को एक तो ट्रेड चुनने में आसानी रहेगी और ऊपर से ड्राप आउट की समस्या भी खत्म होगी।

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान पानीपत के प्रिसिपल डा. कृष्ण कुमार के मुताबिक विभाग द्वारा आइटीआइ में संचालित की जा रही हर ट्रेड के एक तीन से चार मिनट की वीडियो तैयार करवाई जा रही है। इन वीडियो में आइटीआइ व संबंधित ग्रुप इंस्ट्रक्टर का परिचय दिया जाएगा। उसके बाद वीडियो में ट्रेड, उसकी अवधि और अध्ययन परिणामों की कम समय में संक्षिप्त जानकारी दी जाएगी। साथ ही सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार की संभावना और अप्रेंटिसशिप के बारे में बताया जाएगा। ताकि ट्रेड लेने वाले विद्यार्थी को किसी तरह की चिता न रहे। पांच जून तक भेजी जाएगी वीडियो

कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री व महानिदेशक के मार्गदर्शन में सभी आइटीआइ प्रबंधन द्वारा ऐसे वीडियो तैयार करवाकर पांच जून तक निदेशालय की ई-मेल पर भेजे जाने हैं। ताकि प्रत्येक ट्रेड के लिए श्रेष्ठ वीडियो का चयन करके उसे दाखिला पोर्टल और विभाग की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जा सके। श्रेष्ठ वीडियो के तौर पर चुने गए वीडियो के लिए संबंधित इंस्ट्रक्टर या ग्रुप इंस्ट्रक्टर को प्रशंसा पत्र भी दिया जाएगा। बगैर जानकारी पैदा होती है ड्राप आउट की समस्या

प्रिसिपल के मुताबिक आइटीआइ में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं। उन्हें किसी भी ट्रेड के कौशल से जुड़ी ज्यादा जानकारी व अवसर के बारे में पता नहीं होता है। जोकि जानकारों या इधर उधर से मिली अप्रमाणित व मौखिक जानकारी के आधार पर ही किसी भी ट्रेड में दाखिला ले लेते हैं। उन्होंने बताया कि साल में करीब 20 फीसद विद्यार्थी या तो कोर्स पूरा होने से पहले संस्थान छोड़ जाते हैं या दूसरी ट्रेड में माइग्रेशन करा लेते हैं। विभाग में दाखिला लेने से पहले ट्रेड से संबंधित व उसमें रोजगार को लेकर जानकारी देने वाले फैसले से उक्त दोनों समस्याओं का निदान ही नहीं होगा, बल्कि विद्यार्थी दाखिला लेने के बाद आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करेगा।

Edited By: Jagran