जेएनएन, पानीपत:  किसानों को ट्यूबवेल के लिए कनेक्शन देना बिजली निगम बंद कर रहा है। आने वाले दिनों में सोलर सिस्टम से ट्यूबवेल के साथ ही फीडर भी चलते नजर आएं, तो चौकिए मत। जानने के लिए पढि़ए दैनिक जागरण की ये खास खबर।

बिजली आपूर्ति के लिए सोलर की योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। यही वजह है कि किसानों को ट्यूबवेल का नया कनेक्शन देना बंद किया जा रहा है। इस योजना से सरकार की मंशा एक तीर से दो निशाने साधने की है। एक तो बिजली की बचत करने, दूसरा जब किसान को बिजली की जरूरत नहीं होगी, तब उस समय सोलर सिस्टम से बनने वाली बिजली को खरीदकर दूसरे क्षेत्र में उसका इस्तेमाल करने की है। 

नए कनेक्शन नहीं कर रहे जारी
प्रदेश में हजारों किसान ऐसे हैं, जिन्होंने ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए बिजली निगम में आवेदन किया हुआ है। बढ़ती बिजली खपत तथा अधिक मेंटीनेंस के मद्देनजर अधिकारी किसानों को नए कनेक्शन जारी नहीं कर रहे हैं। सरकार की मंशा है कि नए ट्यूबवेलों को सोलर सिस्टम से चलाने की है। इससे बिजली खपत कम होगी और बिजली बनाने के नए स्रोत भी बढ़ाने की है। हालांकि प्रदेश में कुछ किसानों ने इस दिशा में पहल की है। 

solar panel bijli

फीडर को सोलर से चलाने की प्लानिंग
ट्यूबवेल के साथ ही खेतों में लगे फीडर को भी सोलर सिस्टम से चलाने की योजना तैयार की जा रही है। इस दिशा में सरकार कुछ बड़ी कंपनियों से बातचीत कर रही है, ताकि जल्द से जल्द योजना को अमलीजामा पहनाया जा सकें। 

खेतों में सोलर सिस्टम से बिजली
बिजली निगम के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी प्रणब किशोर दास का कहना कि जिन किसानों ने नए ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया है, उनके ट्यूबवेल सोलर सिस्टम से चलाने की योजना पर काम किया जा रहा है। आने वाले दिनों में खेतों में लगे फीडर भी सोलर सिस्टम पर संचालित किए जाएंगे। इस दिशा में निगम ने काम शुरू कर दिया है।

Posted By: Ravi Dhawan