अंबाला, जागरण संवाददाता। अस्पताल में अप्वाइनमेंट के आधार पर आपरेशन के लिए मरीजों को आरटीपीसीआर से कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य है। जांच रिपोर्ट के लिए 24 घंटे पहले सैंपल देने के बाद शहर के पालीक्लीनिक स्थित लैब से रिपोर्ट का इंतजार करना होता है। जबकि अगर कोई इमरजेंसी अथवा ट्रामा सेंटर में मरीज आता है और उसकी जान बचाने के लिए तुरंत आपरेशन किया जाना अनिवार्य होता है तो उसकी कोरोना जांच एंटीजन किट से कराए जाने की व्यवस्था है। यह व्यवस्था गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी से पहले भी लागू है, जिससे किसी तरह की समस्या न होने पाए।

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए इन दिनों नागरिक अस्पताल में आपरेशन की संख्या काफी कम हो गई है। पहले रोजाना 25 से 30 सर्जरी की जाती थी, वही अब मुश्किल से 10 से 12 सर्जरी ही हो पाती हैं। इसका सबसे बड़ा कारण लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के केस हैं। इन दिनों जिले में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का प्रकोप बढ़ रहा है, इस बीच ओमिक्रोन वैरिएंट ने भी जिले में दस्तक दे दी है। इसकी वजह से अस्पताल में आपरेशनों की संख्या में कमी आई है। हालांकि सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आपरेशन बंद य कम करने जैसे कोई निर्देश नहीं हैं।

आरटीपीसीआर टेस्ट जरूरी

आपरेशन करवाने से पहले स्वास्थ्य की जांच के साथ ही कोरोना की जांच करवानी जरूरी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक मरीज का आरटीपीसीआर टेस्ट करवाना अनिवार्य है, इसके लिए ओपीडी सहित फ्लू ओपीडी में कोरोना जांच की सुविधा है। नागरिक अस्पताल छावनी और शहर मेें कोरोना टेस्ट फ्री में किए जा रहे हैं। साथ ही आपरेशन के लिए एडमिट फाइल में रिपोर्ट का प्रिंट आउट होना भी जरूरी है।

पहले की तरह ही किए जा रहे आपरेशन

छावनी के प्रिंसिपल मेडिकल अधिकारी डा. राकेश सहल ने बताया कि आपरेशन पहले की ही तरह किए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की तुरंत आपरेशन करने की स्थिति में एंटीजन रैपिड किट से कोरोना की जांच कराई जाती है, जिससे मरीज के इलाज में देरी न हो।

Edited By: Rajesh Kumar