अंबाला, [दीपक बहल]। Vande Bharat New Version: आधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे भारत का वर्जन 2.0 तैयार होने के बाद पटरी पर आ गया है। चेन्‍नई इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) चेन्नई से वंदे भारत ट्रायल के लिए रवाना हो चुकी है। अंबाला रेल मंडल के चंडीगढ़-लुधियाना रेल सेक्शन पर इसका ट्रायल होगा। इसके लिए लखनऊ से रिसर्च डिजाइन स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम अंबाला पहुंच चुकी है। यह टीम 10 दिनों तक इस सेक्शन पर ट्रेन के ट्रायल में यात्री सुविधा और संरक्षा को परखेगी।

यात्री सुविधा और संरक्षा को लेकर बेहद खास सुविधाओं से लैस है ट्रेन

पहले की वंदे भारत और नए वर्जन में काफी अंतर है। यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए कई नए फीचर इसमें जोड़े गए हैं। यहां से ट्रायल पूरा होने के बाद इसका राजस्थान के कोटा से मध्य प्रदेश के नागदा सेक्शन तक ट्रायल होगा। वहां पर 180 किलोमीटर (किमी) प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन को दौड़ाया जाएगा। हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आइसीएफ चेन्नई गए थे, जहां पर उन्होंने इसकी खूबियां देखी थी। ट्रायल रिपोर्ट आने के बाद इस ट्रेन को किस रूट पर दौड़ानी है, इसको लेकर माथापच्ची शुरू होगी।

वंदे भारत एक्‍सप्रेस के नए वर्जन के कोच का दृश्‍य। (फाइल फोटो)

नई दिल्ली से कटड़ा के बीच दौड़ रही वंदे भारत

मौजूदा समय नई दिल्ली से कटरा के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन दौड़ रही है। ऐसे में नए वर्जन वाली ट्रेन नई दिल्ली से चंडीगढ़ या नई दिल्ली से लखनऊ और नई दिल्ली से अमृतसर के बीच दौड़ाई जा सकती है। ऐसे रूट पर मंथन किया जा रहा है, जिस पर ट्रेन सुबह जाकर शाम को वापस आ जाए। बता दें कि कवच तकनीक वाली पहली वंदेभारत एक्सप्रेस का नया वर्जन है। पटरी पर दौड़ रही इस ट्रेन के सामने उसी पटरी पर यदि कोई ट्रेन आती है तो 380 मीटर पहले ही यह रुक जाएगी।

ये सुविधाएं मिलेंगी

इस ट्रेन में यात्री सुविधाओं में इजाफा किया है।  ये हैं खास सुविधाएं -

  • - यात्रियों की रेक्लाइनिंग सीट को पुशबैक से लैस किया है, जिसमें सीट को आगे-पीछे किया जा सकता है।
  • - ट्रेन में कोई यात्री धूम्रपान करता है तो अलार्म बजेगा।
  • - आपातकालीन स्थिति में प्रत्येक कोच में लोको पायलट से बात करने के लिए चार माइक और स्विच लगाए हैं।
  • - ट्रेन को रोकने के लिए भी पुशबटन भी हैं।
  • - ट्रेन में दो कोच ऐसे हैं, जिससे पूरी ट्रेन पर नजर रखी जा सकेगी।
  • - ट्रेन की पावर फेल होने पर लाइट तीन घंटे तक आन रहेगी।
  • ट्रेन के कोच बैक्टीरिया फ्री एयर कंडीशनिंग में रहेंगे।
  • - पैसेंजर इंफार्मेशन सिस्टम इंस्टाल किया गया है।
  • - दरवाजे और खिड़कियों में फायर सर्वाइवल केबल है, जिससे आग लगने की स्थिति में भी दरवाजा और खिड़कियां खोलना आसान होगा।

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2023 तक 75 वंदे भारत ट्रेन चलाने का लक्ष्य

आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में रेलवे की ओर से 75 वंदे भारत ट्रेनों को अगस्त 2023 तक उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। टेस्ट ट्रायल सफल होने के बाद वंदे भारत का इस्तेमाल कामर्शियल रूप से किया जा सकेगा। इसी को लेकर रेलवे अपनी तैयारी तेज कर रहा है।

Edited By: Sunil Kumar Jha