पानीपत/यमुनानगर, जेएनएन। सरस्वतीनगर के गांव कलावड़ में 29 वर्षीय उषा देवी को जलाकर मारने का दोषी जगदीश उर्फ टीपू फरलो से फरार हो गया। वह दो सप्ताह की फरलो पर आया था। 24 अगस्त को वापस जेल में लौटना था, लेकिन नहीं पहुंचा। जेल प्रशासन ने उसके घर पता किया तो वह नहीं मिला। थाना छप्पर प्रभारी देवेंद्र ङ्क्षसह ने बताया कि जगदीश के  खिलाफ जेल एसपी की ओर से शिकायत दी गई। इस पर 8/9 पैरोल एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया है।

वर्ष 2013 में कलावड़ में उषा देवी को उसके पति शहदराम ने साथी जागधौली के निर्मल व गांव के ही टीपू के साथ मिलकर कैरोसीन का तेल डालकर जला दिया था। विवाद शहदराम की ढाई एकड़ जमीन का था। इस जमीन का सौदा निर्मल के साथ टीपू ने कराया था। जमीन बेचने का उषा विरोध कर रही थी। 

मरने से पहले उसके मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराए गए थे तो उसने अपने पति, निर्मल व टीपू का नाम लिया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। एक अगस्त 2017 को कोर्ट ने तीनों आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह जेल में थे। 

ग्रामीणों ने जमीन का नहीं करने दिया था इंतकाल
जिस जमीन को निर्मल ने खरीदा था उषा की मौत के बाद ग्रामीण एकजुट हो गए और इसका इंतकाल नहीं होने दिया। उषा के दोनों बच्चे नाना-नानी के पास तलाकौर में ही रहते हैं। वहीं दूसरे आरोपित टीपू के भी तीन बच्चे हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें टीपू के बारे में कुछ नहीं पता। 

पहले भी पैरोल लेकर बाहर आए हत्यारे हुए फरार
पैरोल लेकर आने के बाद फरार होने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। जगदीश उर्फ टीपू से पहले पूर्व विधायक रेलूराम पुनिया व उनके परिवार के लोगों का हत्यारा संजीव भी एक साल से फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मु्ंबई समेत कई शहरों में दबिश दी, लेकिन कोई पता नहीं लग सका। उसे पकडऩे के लिए एसआइटी भी बनाई गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। अब उसके पश्चिम बंगाल में होने की सूचना मिली थी। पुलिस वहां गई, लेकिन खाली हाथ लौटी।

कम्मा हत्याकांड का दोषी भी फरार
26 दिसंबर को हरेवा के कम्मा हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा पानीपत का पवन राठी गायब हो गया। वह भी छह सप्ताह की पैरोल पर आया था। उसे गत वर्ष 26 दिसंबर को वापस लौटना था। दस दिन तक पुलिस ने उसका इंतजार किया, जब वह वापस नहीं लौटा। जगाधरी जेल डीएसपी ने उसके खिलाफ पानीपत में केस दर्ज कराया। अभी तक उसका भी कोई पता नहीं लग सका है।

जेल से बाहर आकर करने लगा चोरी
दुष्कर्म के केस में जगाधरी जेल में बंद घिलौर का अनिल कुमार भी आठ फरवरी को पैरोल लेकर बाहर गया। दो मार्च को उसे वापिस लौटना था। वापिस नहीं लौटने पर उसके खिलाफ केस दर्ज कराया गया। बाद में उसे सीआइए वन ने पकड़ा। वह जेल से बाहर आकर अपने साथियों के साथ चोरी की वारदातें करने लगा था। 

Posted By: Anurag Shukla

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