पानीपत, जेएनएन। पानीपत के तहसील कैंप में गुरुद्वारे के सेवादार गुरबचन सिंह की घर में घुसकर हत्या कर दी गई। पड़ोसी ओमप्रकाश ने बताया कि गुरबचन सिंह दर्द से कहरा रहे थे। मदद मांग रहे थे। मुख्य गेट पर ताला लगा था। किसी पड़ोसी में गेट का ताला तोडऩे की हिम्मत नहीं हुई। इसके बाद ही गुरबचन सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल करके मदद मांगी। शायद पहले मदद मिल जाती तो जान भी बच सकती थी।  

सेठी चौक स्थित तेजिका हैंडलूम के मालिक जवाहर नगर निवासी बेटे गगनदीप ने बताया कि वह, पत्नी उर्मिला, 11 महीने की बेटी आहना और छोटे भाई इंद्रजीत के साथ आठ महीने से आठ मरला में किराये पर रहते हैं। पिता 61 वर्षीय गुरबचन सिंह जोध सिंह गुरुद्वारा और करनाल के गुरुद्वारे में सेवा करते थे। कभी-कभी जवाहर नगर के मकान में रहने आ जाते थे। पिता बृहस्पतिवार को करनाल से घर पर आए थे। शुक्रवार 10:30 बजे फोन से पिता से बात हुई थी। पिता ने बताया कि प्रेम सचदेवा और उसके दोस्तों से जान का खतरा है। गत रात्रि 12:25 बजे पड़ोसी ओमप्रकाश बजाज ने कॉल कर बताया कि गुरबचन सिंह को किसी ने चोट मार दी है।

वह सामान्य अस्पताल से पिता को निजी अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसके पिता कि सेक्टर 13-17 निवासी प्रेम सचदेवा, उसके बेटे दीपक सचदेवा, जगदीश माटा, जगदीश के बेटे सचिन और प्रेम सब्जी से करीब तीन करोड़ रुपये की लेनदारी थी। इनके खिलाफ पिता ने कोर्ट में केस कर रखा है। साजिश के तहत उनके पिता की हत्या कराई है। 

प्रेम सचदेवा पर हमला करने का आरोप था, हुई थी जेल

वर्ष 1992 में गुरचबन सिंह का रिश्तेदार सेक्टर 13-17 के जगदीश माटा से करोड़ों रुपये के लेनदेन में विवाद हो गया था। मामले में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेम सचदेवा ने समझौता कराया था। इससे गुरचबन सिंह असंतुष्ट थे। 2 नवंबर 2019 को प्रेम सचदेवा लोधी गार्डन के पास स्थित लालो भाई गुरुद्वारा में एक रस्म क्रिया में शामिल होने के लिए गए थे। वहां पर गुरबचन पहले ही गंडासी लिए घात लगाए बैठा था। जैसे ही प्रेम गुरुद्वारे के गेट के पास पहुंचा तो गुरबचन ने उन पर गंडासी से टांग व सिर पर हमला किया। तहसील कैंप चौकी पुलिस ने मामला दर्ज करके आरोपित गुरबचन सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपित को लोहड़ी वाले दिन 13 जनवरी 2020 को कोर्ट से जमानत मिली थी। 

एसआइ हरनारायण पर नहीं विश्वास, सीआइए से कराई जाए जांच

गगनदीप ने बताया कि पिता गुरबचन सिंह का जम्मू में बेडशीट व कंबल का व्यवसाय था। बाद में वहां से काम समेट लिया। उन्होंने पानीपत में काम बढ़ा लिया था। प्रेम सचदेवा ने राजनीतिक रसूख और तहसील कैंप चौकी प्रभारी हरनारायण से सांठगांठ कर से पिता गुरबचन के खिलाफ धारा 307 (हत्या के प्रयास) जुड़वा दी थी। बाद में धारा हटी। अब भी उसे हरनारायण पर विश्वास नहीं है।  एसपी मनीषा चौधरी से मांग है कि हत्या के मामले की जांच सीआइए से कराई जाए।

जान बचाने के लिए गुरबचन ने किया प्रयास, चप्पे-चप्पे से वाकिफ थे आरोपित

गुरबचन सिंह चार मंजिला मकान की तीसरी मंजिल पर पीछे वाले कमरे में थे। हत्या आरोपितों ने उन पर हमला किया। जान बचाने के लिए कमरे में एक कोने से दूसरे कोने में छिपते रहे। कमरे में सारा सामान बिखरा हुआ था। हो सकता है हत्या आरोपितों को कमरे से कोई दस्वावेज लेना हो। हत्या आरोपित चप्पे-चप्पे से वाकिफ थे।

पिता ने बनवाया था गुरुद्वारा, पत्नी की हो चुकी है मौत

----गुरचबन सिंह दो बहनों के इकलौते भाई थे। उनके पिता जोध ङ्क्षसह ने तहसील कैंप में गुरुद्वारा भी बनवाया था। करीब पांच साल पहले पत्नी जोङ्क्षगद्र कौर की हृदयघात से मौत हो गई थी। परिवार में शादीशुदा बड़ी बेटी गीता, बेटा गगनदीप, बेटी लीना व अविवाहित बेटा इंद्रजीत है। 

 

डीसी और एसपी को शिकायत की थी

गगनदीप ने बताया कि उन्होंने डीसी और एसपी को कई बार शिकायत की। उन्हें बताया कि जान का खतरा है। पर किसी तरह की सुरक्षा नहीं मिली।

 

सचदेवा ने कहा, ब्लैकमेल कर रहे, झूठा है आरोप

कांग्रेस नेता प्रेम सचदेवा ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि उन पर झूठा आरोप लगाया गया है। उन्होंने कोई समझौता भी नहीं कराया था। उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा रही हे। उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है। हर तरह की जांच कराने के लिए तैयार हैं। सच सामने आ जाएगा।

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