समालखा (पानीपत), जागरण संवाददाता। हरियाणा में रबी के सीजन की फसलों को लेकर मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जारी है। अभी तक प्रदेश से केवल छह लाख 25 हजार किसानों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। ऐसे में 41.94 लाख रकबा (खेतीवाला) पंजीकृत हुआ है। यानि अभी तक 50 फीसद किसानों ने भी रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। जबकि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से बार बार किसानों को रजिस्ट्रेशन कराने का आह्वान किया जा रहा है। पानीपत जिले में भी अभी तक 11 हजार 866 व सरसों के लिए 1912 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

किसानों को किया जा रहा है जागरूक

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डा. वीरेंदर देव आर्य ने दैनिक जागरण को बताया कि आत्मा स्कीम के तहत खंड से लेकर जिला स्तर पर जागरूकता कैंप लगाए जा रहे हैं। कैंप में किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री सम्मान निधि बारे विस्तार से बताने के साथ मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

पिछले रबी सीजन के मुकाबले इस बार बढ़ा सरसों बिजाई का रकबा

इतना ही नहीं, बल्कि गांव स्तर पर चौकीदार के माध्यम से मुनादी तक कराई जा रही है। साथ ही विभागीय टीमें किसानों को जागरूक कर रही हैं। उपनिदेशक ने कहा कि मंडी में फसल की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर बिक्री के दौरान मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। अन्यथा फसल की खरीद नहीं हो पाएगी। ऐसे में किसान अपनी गेहूं, सरसों आदि रबी की फसल का रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं।

जिले में भी आधा रकबा हो पाया पंजीकृत

पानीपत जिले से 11 हजार 866 किसानों ने गेहूं की फसल को लेकर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें बापौली से 2678, इसराना 2242, मतलौडा 2786, पानीपत 1939 व समालखा के 2569 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इससे 97 हजार 906 एकड़ रकबा पंजीकृत हुआ है। जबकि जिले में गेहूं बिजाई का लक्ष्य 85 हजार हेक्टेयर के करीब है। यानि करीब 2.12 लाख एकड़। ऐसे में अभी भी जिले से गेहूं की फसल का भी आधा रकबा पंजीकृत नहीं हो पाया है। वहीं सरसों का 1912 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इससे पांच हजार 736 एकड़ एरिया पंजीकृत हुआ है। जो पिछले रबी सीजन के मुकाबले इस बार ज्यादा सरसों बिजाई को दर्शाता है।

Edited By: Naveen Dalal