जागरण संवाददाता, यमुनानगर : संजीव पहले भी छह बार पैरोल पर छुट्टी लेकर बाहर आ चुका है। कभी भी उसने नियम नहीं तोड़ा। वह गायब नहीं हुआ उसको गायब किया गया है। उसके साथ कुछ अनहोनी हो सकती है। यह आशंका व्यक्त की है संजीव की मां राजबीरी ने।

पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया सहित आठ लोगों की हत्या के दोषी सहारनपुर (उप्र) के लक्ष्मणपुरी मोहल्ला राजबीरी ने कहा कि जब 31 मई को संजीव जेल नहीं पहुंचा तो उन्होंने अनहोनी की आशंका से उसने (राजबीरी ने ) कुरुक्षेत्र, सहारनपुर पुलिस के चक्कर काटे। किसी ने उसकी कोई बात नहीं सुनी। राजबीरी ने इसकी जांच की मांग की है। उसका यह भी कहना है कि 23 अगस्त 2001 की रात को हुए हत्याकांड के वक्त भी संजीव मौके पर नहीं था।

धमका कर गई पुलिस

पहले तो पुलिस ने उनकी कोई बात नहीं सुनी। अब दो तीन दिन से पुलिस उनको परेशान कर रही है। आज भी यमुनानगर पुलिस उनके घर आई और धमका कर गई। यमुनानगर एसपी से मिलकर आपबीती सुनाएगी।

इन लोगों को होगा फायदा

उसका कहना है कि संजीव को गायब करने का उन लोगों को फायदा होगा जो संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं। उनको कानून पर पूरा भरोसा है।

ये लिखवाया पुलिस ने

सहारनपुर गई यमुनानगर पुलिस ने संजीव की मां से लिखवाया कि वह कभी चगनौली नहीं गई। वह पूर्व सरपंच को जानती नहीं है। वहीं पटवारी की रिपोर्ट में है कि वह बीमारी के कारण इलाज कराने के लिए चगनौली गांव में रहती थी। इसी आधार पर संजीव को पैरोल मिली थी।

Posted By: Jagran

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