जागरण संवाददाता, पानीपत :

नगर निगम में दो दिवसीय पार्षदों की ट्रेनिग की पाठशाला में अधिकारों को लेकर सवाल उठाए गए। पार्षदों ने कहा कि विकास के लिए उन्हें कोई फंड नहीं मिलता। न ही कोई पावर मिली हुई है। छह माह से स्ट्रीट लाइट तक उन्हें नहीं मिल रही है। महिला पार्षदों ने कहा कि महिलाओं के लिए अलग से नगर निगम में शौचालय तक नहीं बनाया गया है। 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी देने की जिम्मेवारी नगर निगम की है हम एक बूंद भी नहीं दे रहे। प्रदेश में नगर निगम का जो एक्ट बनाया गया है उसमें हमें पावर नहीं दी गई है। 1993 में एक्ट बनाते समय विधायकों ने कहा था कि ये पावर पार्षदों को मिलेगी तो उनके पास क्या रहेगा।

पार्षद मिनिस्ट्री हाउसिग एंड अर्बन अफैक्ट्स से संबंधित आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट द्वारा आयोजित वर्कशॉप में बोल रहे थे। दो दिवसीय वर्कशॉप में अधिकारियों व चुने गए प्रतिनिधियों को भारत सरकार की स्कीमों की जानकारी दी गई। प्रोजेक्ट बनाने, उसके लिए वित्त का प्रबंधन व उसे लागू करने की जानकारी दी गई। वर्कशॉप में इंस्टीट्यूट के निदेशक आरपीएस यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने सर्विस लेवल प्रोजेक्ट तैयार किया है। जिसके माध्यम से 50 हजार करोड़ रुपये शहरों के विकास पर खर्च होने है।

नगर निगम सर्विस लेवल प्रोजेक्ट लागू करेंगे। इसमें 80 प्रतिशत प्रोजेक्ट खर्च होगा। 10 प्रतिशत सुधार पर व दो प्रतिशत प्रबंधन पर खर्च किया जाना है।

अन्य राज्यों में नगर निगम कैसे काम कर रहे हैं कि जानकारी भी वर्कशॉप में दी गई।

नगर निगम के अधिकार

संविधा में 74 संसोधन में मॉडल एक्ट 1993 बना है। जिसके मुताबिक निगम की ड्यूटी इस प्रकार है।

-135 लीटर पानी हर व्यक्ति को उपलब्ध करवाना।

-हर घर में नल लगवाना।

-सार्वजनिक ट्रांसपोर्टेशन उपलब्ध करवाना।

-हरा भरा शहर बनाना।

-एक हजार स्कवेयर मीटर में 9 स्कवेयर मीटर में ग्रीनरी होनी चाहिए।

लोगों की सुविधा पर 17 डॉलर

गेस्ट फैक्लटी प्रमोद गुप्ता ने वर्कशॉप में बताया कि चीन में 116 डॉलर का वार्षिक खर्च एक व्यक्ति की सुविधा पर होता है। औसतन विश्व में 100 डॉलर खर्च होता है। भारत में मात्र 17 डॉलर खर्त हो रहा है। शहरी विकास पर ध्यान देना वक्त की जरूरत है।

कार्यक्रम में प्रधान मंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, अमरुत योजना के तहत कैसे प्रोजेक्ट बन सकते हैं। कौन इनकी मॉनटरिग करता है।

वर्कशॉप में पार्षद 26 में से 23 पार्षद मौजूद रहे। जिनमें शिव कुमार शर्मा, रविद्र भाटिया, रविद्र भोला, प्रमोद देवी, अतर सिंह रावल, अनित पुरुथी, सुमन छाबड़ा, अंजली शर्मा, मीनाक्षी नारंग, अशोक कटारिया, बलराम मकौल, अश्वनी ढिगड़ा, मनजीत कौर, योगेश डावर, अनिल बजाज, रविद्र शामिल रहे। पार्षद दुष्यंत भट्ट, संजीव दहिया सहित लोकेश नागरू वर्कशॉप में शामिल नहीं हुए।

Posted By: Jagran

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