अंबाला, जागरण संवाददाता। नगर निगम का मुख्य सड़कों को जाम मुक्त करने का प्लान फेल हो गया है। हालांकि निगम ने करीब एक वर्ष पहले रेहडी-फड़ी वालों का सर्वे कराया था। इसमें रेहडी-फड़ी संचालकों को चयनित जमीन पर शिफ्ट करना था। इसका मुख्यालय को प्रस्ताव भेज दिया है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में निगम की योजना ठंडे बस्ते में चली गई है।

मालूम हो कि अंबाला की मुख्य सड़कों और कालोनी में रेहडी-फड़ी संचालक से लोग परेशान हैं। यहां पर सड़क किनारे पर शाम में वाहनों के दबाव से जाम भी लगता है। इसलिए निगम ने सड़कों के किनारे से रेहडी-फड़ी वालों का सर्वे कराया था। इसमें सिटी, छावनी और नारायणगढ़ में सर्वे में करीब 3500 रेहड़ी संचालक सर्वे में मिले थे। इसमें निगम के सर्वे में आने वाले रेहड़ी संचालकों को चयनित जमीन पर जगह देनी थी। इसके लिए निगम ने मुख्यालय को प्रेम नगर में दो जगह, मानव चौक, अंबा मार्केट में जमीन का चयन किया, लेकिन मुख्यालय से मंजूरी अभी तक नहीं मिली है। इस वजह से नगर निगम की रेहडी- फड़ी वालों को जगह देने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई।

इस संबंध में सीपीओ अनिल राणा ने बताया कि रेहड़ी-फड़ी संचालकों के लिए चार जगह पर जमीन का चयन किया था, लेकिन अभी तक मुख्यालय से स्वीकृति नहीं मिली है।

रेहडी-फड़ी वालों बीस हजार रुपये का लोन मिलेगा

नगर निगम की प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स योजना में रेहडी-संचालकों को दस हजार रुपये का लोन दिया जाता है। इस योजना में जिन लोगों ने दस हजार रुपये के लोन लेकर भुगतान कर दिया है, उन रेहडी संचालकों को बीस हजार रुपये का लोन का लाभ मिलेगा। इसके लिए रेहडी संचालक निगम में लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

Edited By: Anurag Shukla