संवाद सहयोगी, सनौली : यमुना नदी में भगवान गणेश की मूर्ति विसर्जन के करने के लिए सारा दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सनौली रोड गणपति बप्पा मोरया, अगले वर्ष तू जल्दी आ के उद्घोष से भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु वाहनों में गणेश की मूर्ति को लेकर झूमते हुए भगवान का गुणगान करते हुए यमुना पुल पर पहुंचे। यमुना तट पर विधि विधान अनुसार पूजा अर्चना। प्रसाद वितरित किया। यमुना नदी का तट गणपति बप्पा मोरया का उद्घोष गूंज उठा। इसके बाद मूर्ति का विसर्जन कर विदाई दी।

श्रद्धालुओं ने बताया कि भगवान गणेश बुद्धि के देवता हैं। कोई भी कार्य शुरू करने से पहले उनका नाम लिया जाता है। गणेश जी का रूप हमारे जीवन को एक सार्थक रूप देता है। यमुना तट पर स्थित शिव मंदिर के पुजारी सियाराम ने बताया कि गणेश पुराण के अनुसार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के मध्यकाल में सिद्धि विनायक गणेश ने जन्म लिया था। यह पहले महाराष्ट्र में मनाया जाता था। अब देश विदेश में इसकी धूम रहती है। उन्होंने बताया कि गणेश के मस्तिष्क पर द्वितीय का चंद्रमा सुशोभित रहता है। चंद्रमा शीतलता का प्रतीक है, जिसके मन मस्तिष्क में शीतलता और शांति होगी, वह बड़ी से बड़ी विपदा का समाधान सरलता से कर सकता है।

Posted By: Jagran

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