विनोद जोशी, पानीपत

शनिवार को जीटी रोड स्थित खादी आश्रम के सामने दर्दनाक हादसा हुआ। करनाल की तरफ जा रही निजी बस को पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। तीन की जान चली गई। इस घटना के बाद फिर से निजी बस चालक बिना स्टापेज के ही शहर में जगह-जगह से अवैध रूप से सवारियां भरते दिखाई दिए। ट्रैफिक पुलिस तो अब शहर में केवल चालान काटने तक ही सीमित रह गई है। आखिर अवैध रूप सवारी उठा रहे निजी बस संचालकों पर कौन शिकंजा कसेगा। वहीं, रोडवेज की बस भी इसी तरह बीच जीटी रोड पर सवारियों को बैठाती दिखाई दी।

रोडवेज व आरटीए ने सयुंक्त रूप से प्राइवेट बस संचालकों पर शिकंजा कसते हुए चालान किए थे। लेकिन अब ढिलाई दी तो हादसे हो रहे हैं। पानीपत शहर में टूरिस्ट बसें काफी हैं। बस चालक पिछले कई माह से उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड व दिल्ली राज्यों में अवैध रूप से सवारियां उठा रहे हैं।

यात्री सफर करने से पहले दें इन बातों पर ध्यान

अगर प्राइवेट वाहन से किसी प्रकार की दुर्घटना हो जाती है तो सरकारी सहायता मिलने में मुश्किल आती है। सरकारी व्हीकल में अगर सफर करते वक्त कोई हादसा होता है तो सरकार भी आर्थिक रूप से सहायता करती है। सफर करने वाले यात्री का दो से पांच लाख रुपये तक बीमा होता है।

किया जा सकता है चालान

अगर कोई प्राइवेट वाहन किसी भी रूट पर अवैध रूप से सवारी भरता है तो आरटीए व रोडवेज दोनों प्राइवेट चालक के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। इसके साथ ही ट्रेफिक पुलिस भी चालान कर सकती है। ऐसे में अवैध रूप से सवारी उठाने वाले चालक का चालान व वाहन को इंपाउंड किया जा सकता है। चालक के खिलाफ केस दर्ज हो सकता है।

चलाया जाएगा विशेष अभियान

आरटीए डा. सुशील कुमार ने जागरण से बातचीत में बताया कि जो प्राइवेट वाहन बिना स्टापिज के सवारियां उठाता मिला और रूट परमिट नहीं मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त किया जाएगा। चालान किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही विशेष अभियान चलाया जाएगा।

Edited By: Jagran