कैथल, जागरण संवाददाता। कैथल में पिछले वर्ष जुलाई में बिजली किल्लत को लेकर उपायुक्त प्रदीप दहिया के आवास के घेराव कर किए गए प्रदर्शन में शामिल दो अध्यापकों को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। इस पर शिक्षा विभाग के निदेशालय के निदेशक की तरफ से मामला दर्ज होने के चलते जिला शिक्षा अधिकारी को निलंबित करने के आदेश जारी किए थे। इस पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए जाखौली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत संस्कृत अध्यापक जयदेव व कुतुबपुर के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में कार्यरत बिजेंद्र बिजेंद्र सिंह को निलंबित किया है। बता दें कि इस मामले में उपायुक्त के कैंप कार्यालय में कार्यरत एक लिपिक रामकरण को लापरवाही के चलते निलंबित किया गया था। वहीं, इस मामले में अध्यापक संघ सोमवार को बैठक कर कोई निर्णय ले सकता है।  

यह था मामला 

बता दें कि पिछले वर्ष एक जुलाई की देर रात को बिजली कटों से खफा फ्रेंड्स कालोनी के लोगों ने उपायुक्त के आवास के घेराव किया था। इस दौरान लोगों ने निगम पर बिजली की सप्लाई न देने का आरोप लगा जमकर बवाल काटा था। इसके बाद उपायुक्त आवास पर कार्यरत सुरक्षा इंचार्ज ने सिविल लाइन थाना में सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने की शिकायत दी थी। इस मामले में सुरक्षा इंचार्ज ईश्वर सिंह ने शिकायत में बताया था कि जब वह अपनी ड्यूटी पर था। इस दौरान सेक्टर 18 स्थित फ्रेंड्स कालोनी और जनकपुरी कालोनी निवासी करीब 30 से 40 लोग नारेबाजी कर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। उन्हें समझाया गया, लेकिन वे नहीं माने। इस दौरान इन लोगों ने हाथापाई करने पर ड्यूटी में बाधा डाल उपायुक्त निवास में दाखिल होने की कोशिश की थी।

आपराधिक मामला दर्ज होने के कारण किया निलंबित

कैथल के जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग की निदेशालय के मुख्यालय से उन्हें एक पत्र प्राप्त हुआ था। इसमें दो अध्यापकों पर आपराधिक मामला दर्ज होने का हवाला देकर इन्हें निलंबित करने के आदेश जारी किए गए है। जिसके बाद विभाग ने मुख्यालय के आला अधिकारियों के आदेशों को मानते हुए जाखौली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत संस्कृत अध्यापक जयदेव व कुतुबपुर के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में कार्यरत बिजेंद्र बिजेंद्र सिंह को निलंबित किया गया है।

Edited By: Rajesh Kumar