पानीपत/यमुनानगर, [नितिन शर्मा]। जगाधरी विधानसभा से चुनाव लड़ रहे स्पीकर कंवरपाल मुकाबले पर पूर्व डिप्टी स्पीकर अकरम खान व विजिलेंस डीजीपी के भाई आदर्शपाल सिंह के आने से सीट हॉट हो गई। तीनों दिग्गजों ने ऐडी चोटी का जोर लगाया है। वोटर शहर व ग्रामीण एरिया में बंटे हैं। शहर में भाजपा का असर नजर आता है, जबकि कांग्रेस और बसपा की ग्रामीण एरिया में पकड़ दिख रही है। 2014 के चुनाव में एक लाख 93 हजार वोटर थे। करीब 23 हजार नए मतदाता इस बार जुड़े हैं। युवा वोट ही हार जीत के निर्णायक होंगे। चुनावी रण में 10 योद्धा हैं। खास बात यह है किसी भी पार्टी ने महिला प्रत्याशी को यहां पर मैदान में नहीं उतारा है। हालांकि प्रदेश की पहली महिला स्पीकर शन्नो देवी यहीं से चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंची थी। यहां से दो स्पीकर व एक डिप्टी स्पीकर बन चुके हैं।

यहां पर टक्कर है 

इस सीट पर शहर के गांव के ग्रामीणों का मत अलग- अलग है। गांव के लोग कांटे की टक्कर बताते हैं वहीं शहरी वोटर कहते हैं कि चुनाव से पहले ही सरकार चुन ली थी। गंगा नगर के प्रभजोत सिंह का कहना है कि सरकार ने काम बहुत कराए। इससे दूर कहां जाएंगे। जड़ोदा गेट गोरी शंकर मंदिर पर मिले राजीव कुमार का कहना है कि शहर में काम हुए हैं। जो सड़क लंबे समय से बनी नहीं थी। जिन पर गौर नहीं किया गया। उन सड़कों की भी सूरत बदल गई है। वे तो विकास के साथ हैं। उनकी नजरों में अच्छा प्रत्याशी वही है जो जनता के बीच रहे। झंडा चौक पर पुस्तकों की दुकान पर बैठे भोला का कहते हैं कि अब वक्त उनका है। अभी तक उनके पास कोई और आप्शन नहीं है। उनका वोट जनहित के लिए होगा। यहां का चुनाव कड़ा होता जा रहा है। पहले क्लीयर था। जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है। समीकरणों में बदलाव हो रहा है। प्रताप नगर में पानी की टंकी के नजदीक चौक पर मिले पंकज का कहना है कि विकास तो ठीक ही हुआ है हमारे एरिया में। दादुपुर हेड पर सैर करने आए रोहित व युवा अदरीश का कहना है कि यूथ उसको वोट देगा जो रोजगार की बात करेगा।

हर बार बदला चेहरा

मेटल उद्योग व बड़े एतिहासिक स्थलों के इतिहास को समेटे विधानसभा क्षेत्र जगाधरी का राजनीतिक परिदृश्य भी खास रहा है। कलेसर नेशनल पार्क, मानइिंग जोन, हथनी कुंड, ताऊ देवीलाल हर्बल पार्क, बनसंतुर हथनी पुनर्वास केंद्र इस हलके की पहचान है। यमुना नदी भी इसी हलके के गांव ममदूबांस में हिमाचल प्रदेश से प्रवेश करते हुए दिल्ली तक पहुंचती है। हरियाणा, उत्तरप्रदेश और दिल्ली के हिस्से के पानी का बंटवारा भी इसी विधानसभा में होता है। इस जन प्रतिनिधि का हर बार चेहरा बदला। वर्ष 1967 से लेकर वर्ष 2014 तक हुए विधानसभा चुनाव में तीन बार कांग्रेस, चार दफा (दो भाजपा, जनसंघ व जनतादल )दो बार बसपा, दो बार हविपा और इंडियन नेशनल दल के प्रतिनिधि जीत कर आए।

क्षेत्र से केंद्रीय राज्य मंत्री का नाता

केंद्रीय राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया का भी का भी इस विधानसभा सीट से पुराना नाता है। उन्होंने इसी क्षेत्र में आने वाले खदरी गांव को गोद लिया हुआ है। समय-समय पर वे यहां आते भी हैं। गांव को गोद लेने के बाद यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना है। इसके अलावा सड़कों का भी निर्माण हुआ।

बसपा प्रत्याशी आदर्शपाल को छोड़कर सभी पुराने सूरमा चुनावी रण में उतरे

जगाधरी विधानसभा सीट पर बसपा प्रत्याशी आदर्शपाल को छोड़कर बाकि मुख्य दलों के प्रत्याशी पुराने सूरमा हैं। भाजपा से विधानसभा अध्यक्ष कंवर पाल लगातार दूसरी बार चुनावी रण में हैं। इसी प्रकार कांग्रेस से पूर्व डिप्टी स्पीकर रहे अकरम खान पहले यहां से विधायक रह चुके हैं। जजपा से पूर्व विधायक अजरुन सिंह छछरौली से विधायक रहे हैं। 2009 से पहले छछरौली विधानसभा अलग थी।

  • जगाधरी से ये रहे विधायक
  • वर्ष      विधायक              पार्टी           वोट
  • 1985    ओम प्रकाश शर्मा  कांग्रेस     20639
  • 1987    डॉ.बृजमोहन गुप्ता भाजपा   31236
  • 1991    ओम प्रकाश शर्मा   हविपा    17316
  • 1996    सुभाष चौधरी      हविपा      26709
  • 2000    डॉ. बिशनलाल सैनी बसपा   25952
  • 2005    सुभाष चौधरी      कांग्रेस     32432
  • 2009    अकरम खान      बसपा      39863
  • 2014    कंवरपाल           भाजपा     74203

Posted By: Anurag Shukla

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप