जागरण संवाददाता, पानीपत : आषाढ़ में बादल झमाझम बरस रहे हैं। 25 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है। आषाढ़ के आखिरी सोमवार को जिले में औसतन 43 एमएम बारिश दर्ज की गई। सुबह से ही बादल छाए रहे। सात बजे बूंदाबांदी शुरू हुई, देखते-देखते काले बादल छा गए। अधिकतम तापमान छह अंक टूट गया। दिन में रात जितना तापमान हो गया। अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि आषाढ़ माह में जो बारिश हुई है, वह पिछले वर्ष की तुलना में डेढ़ गुना कम रही है। जाते-जाते आषाढ़ में मानसून सक्रिय हुआ है। सावन में मानसून की झड़़ी लगने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार 21 जुलाई तक बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक 18 जुलाई से दोबारा बारिश शुरू हुई हुई है। 1995 के बाद जुलाई में इतनी अधिक बारिश हुई है। कृषि विज्ञानी राजबीर के अनुसार फसलों के लिए यह बारिश वरदान है। हालांकि जलभराव से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

13 जुलाई को मानसून की पहली बारिश हुई थी, उसके बाद 15 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। उसके बाद 18 जुलाई से फिर से बारिश शुरू हुई है। पिछले चार दिनों से तपिश से लोग परेशान थे। उमस भरा माहौल रहा। रविवार को मौसम में बदलाव हुआ। सोमवार की सुबह बरसात के साथ हुई। पार्कों में भी पानी भर गया। बुधवार तक बारिश की संभावना

सोमवार मंगलवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बारिश का सिलसिला बुधवार तक जारी रह सकता है। कृषि विज्ञानियों ने किसानों को अपने खेतों की निगरानी रखने की सलाह दी है। कुटानी रोड पर पांच दिनों से पानी जमा

कुटानी रोड पर पिछले पांच दिनों से पानी जमा है। पानी की निकासी न होने से परेशान कुटानी वासी पूर्व मेयर सुरेश वर्मा से उनके कार्यालय में मिले। उनसे निकासी के लिए संबंधित विभागों में साथ चलने का आग्रह किया। कुटानी रोड वासी सोनू, अंग्रेज, दिलबाग, सुरेंद्र, महावीर, रणधीर, सुभाष ने बताया कि पांच दिन से बारिश का पानी जमा है। लोगों को आने जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। ब्लाक स्तर पर बारिश की स्थिति

पानीपत 25 एमएम

समालखा 34 एमएम

इसराना 48 एमएम

बापौली 52 एमएम

मतलौडा 55 एमएम एक से 19 जुलाई तक जिले में बारिश की स्थिति

03 जुलाई 39 एमएम

12 जुलाई 10 एमएम

13 जुलाई 83 एमएम

14 जुलाई 96 एमएम

15 जुलाई 287 एमएम

18 जुलाई 26 एमएम

19 जुलाई 214 एमएम

इस बार हाईवे बच गया

राहत की बात ये भी रही कि इस बारिश में हाईवे पर उतना जलभराव नहीं हुआ। दरअसल, बारिश लगातार नहीं हुई। दिनभर बीच-बीच में रुक-रुक होती रही। इससे पानी की निकासी भी होती रही। हालांकि हाईवे पर वाहन रेंग-रेंग कर चले।

Edited By: Jagran