अंबाला, [दीपक बहल]। कोरोना में हुए घाटे की भरपाई के लिए अब भारतीय रेल के डिब्बों की लुक बदलने जा रही है। ट्रेन का नंबर, नाम और खिड़की को छोड़कर सारी जगह पर विज्ञापन नजर आएगा। ट्रेन के अंदर भी कुछ हिस्से पर विज्ञापन होंगे। राजधानी, शताब्दी, प्रीमियम जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों में भी विज्ञापन के लिए कंपनियों और राज्य सरकार को मौका दिया जाएगा। दो अगस्त 2021 को रेल मंत्रालय ने पालिसी में बदलाव करते हुए नया सर्कुलर जारी किया है।

इससे पहले सिर्फ ट्रेन की खिड़की से नीचे के हिस्से पर ही विज्ञापन की छूट थी, लेकिन अब स्पेस और बढ़ा दिया गया है। प्राइवेट कंपनियों को टेंडर दिए जाएंगे, जिनके माध्यम से ट्रेनों पर विज्ञापन लगाए जा सकेंगे। सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के लिए शुल्क भी तय किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार दो अगस्त को सभी जोन के महाप्रबंधकों को सर्कुलर भेज दिया गया है। कामर्शियल विभाग इसके लिए टेंडर जारी करेगा। दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर इस योजना को शुरू किया जा रहा है। इस में खास निर्देश है कि ट्रेन के भीतर लगने वाले विज्ञापन ऐसे होने चाहिए जिससे बोगी को कोई नुकसान न हो। जोन अथवा डिविजन द्वारा ही विज्ञापन की जगह आदि को तय किया जाएगा।

फीस की गई निर्धारित

सर्कुलर के तहत इन विज्ञापनों की सालाना फीस तय कर दी गई है। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। इसके तहत केंद्र, राज्य सरकार के संस्थानों, पब्लिक सेक्टर यूनिट, सरकारी एजेंसियों के ईएमयू, डीएमयू में विज्ञापन के लिए एक साल के लिए फीस 25 लाख रुपये रखी गई है। इसी तरह अन्य ट्रेनों में इनके लिए फीस 50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। कमेटी भविष्य में फीस को दोगुना तक कर सकती है। कमेटी विज्ञापन की थीम और अन्य पहलुओं पर नजर रखते हुए इसकी अप्रूवल देगी। डिविजन में इसके लिए सीनियर डीसीएम नोडल आफिसर होंगे।

उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना

सभी एक्सप्रेस के एसी और नान एसी में डिब्बे के बाहर विज्ञापन लगाए जाएंगे। बनाई गई पालिसी के विपरीत कुछ भी होता है तो इसके लिए कंपनी पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। कंपनी की जो बैंक गारंटी जमा होगी उसमें से जुर्माना (यदि लगाया जाता है) राशि काटकर विज्ञापन अवधि समाप्त होने पर दे दी जाएगी।

'रेलवे की आमदनी बढ़ेगी। हालांकि पहले डिब्बे की खिड़की से नीचे विज्ञापन का प्रावधान था। अब यह पूरी बोगी में कुछ जगहों को छोड़कर लगाए जा सकेंगे।

- हरि मोहन, सीनियर डीसीएम, अंबाला रेल मंडल'

Edited By: Anurag Shukla