पानीपत, [रामकुमार कौशिक]। दिल्ली में आगामी फरवरी माह में वास्तविक भारत खिलौना मेला लगेगा। एससीईआरटी (स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) की तरफ से प्रदेश के सभी जिला शिक्षा व मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेज राजकीय व प्राइवेट स्कूलों के बच्चों व शिक्षकों को खिलौने बनवाने के निर्देश जारी किए हैं। मकसद बच्चों की प्रतिभा में निखार के साथ स्वदेशी खिलौने को बढ़ावा देना है। बच्चे न केवल खेल खेल में सिखेंगे, बल्कि हुनर का पता चलने के साथ उनकी रूचि भी बढ़ेगी।

बच्चों व अध्यापकों को खिलौना बनाने के बाद करीब तीन मिनट का एक वीडियो भी बनाना होगा। वीडियों में उन्हें खिलौना बनाने में कितना समय लगा, उसका उद्देश्य, कितना पैसा खर्च हुआ और खिलौने की क्या विधि और लाभ की जानकारी भी देनी होगी। साथ ही खिलौने की अलग-अलग एंगल से फोटो भी खींचनी होगी।

दिल्ली में लगेंगे स्टाल

बच्चों व अध्यापकों द्वारा बनाए गए खिलौने डीईओ कार्यालय में जमा होंगे। जहां से उन्हें एससीईआरटी गुरुग्राम भेजा जाएगा। वहां नेशनल स्तर की टीम प्रदेश भर से आए खिलौने देखने के बाद उनका चयन करेगी। चयनित खिलौने दिल्ली में 27 फरवरी से 2 मार्च तक लगने वाले वास्तविक भारत खिलौना मेला 2021 में रखे जाएंगे। मेला में राष्ट्रीय स्तर पर 75 स्टॉल लगाए जाएंगे।

डाहर व इसराना स्कूल के बच्चों व शिक्षकों को दी जिम्मेदारी

एपीसी (सहायक परियोजना अधिकारी) सुरेश चहल ने बताया कि निदेशक एससीईआरटी गुरुग्राम की तरफ से स्कूली बच्चों व शिक्षकों द्वारा खिलौने बनाने के निर्देश मिले हैं। इसको लेकर खिलौने बनाने के लिए डाहर व इसराना जीएसएसएस स्कूल के आर्ट अध्यापक व बच्चों का चयन किया गया है। अलग अलग तरह से खिलौने बना रहे हैं। खिलौने डीईओ कार्यालय में जमा कराने हैं। इसराना स्कूल के बच्चों ने खिलौने जमा भी करा दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों के हुनर का पता चलेगा और उनका सर्वांगीण विकास भी होगा।

किसका हुआ है चयन

आर्ट अध्यापक

प्रदीप मलिक जीएसएसएस इसराना

राकेश कुमार जीएसएसएस डाहर

विद्यार्थी कक्षा स्कूल

आशीष दसवीं जीएसएसएस इसराना

बिल्लू ग्याहरवीं जीएसएसएस इसराना

रजत            नौंवी जीएसएसएस इसराना

अक्षय ग्यारहवीं जीएसएसएस डाहर

नीरज ग्यारहवीं जीएसएसएस डाहर