पानीपत/करनाल, [सेवा सिंह]। अधिक पैसा कमा करने के लिए विदेश जाने की लालसा युवाओं पर भारी पड़ रही है। गांव से लेकर शहर के युवाओं में यह क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में वे न केवल फर्जी एजेंटों के जाल में फंस रहे हैं बल्कि उन्हें लाखों रुपये की चपत भी लग रही है। 

करनाल सहित प्रदेशभर से 400 से अधिक ऐसे युवक कनाडा, यूएसए सहित अन्य देशों में फंसे हुए है। फर्जी वीजा के आधार पर विदेश जाने वाले ऐसे युवाओं के संबंध में अब इमीग्रेशन सेंटर से भी पुलिस के पास शिकायतों का अंबार लगने लगा है। एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी देते हुए चिंता जताई है। उन्होंने युवाओं को इस दलदल से बचाने के लिए योजना तैयार की है।

करनाल में ही सौ सेंटर

एसपी भौरिया ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस विदेश भेजने वाले फर्जी एजेंटों व इनके जाल में फंसे युवाओं का डाटा तैयार कर रही है। करनाल जिले में भी ऐसे करीब सौ सेंटर होने की आशंका है। जल्द ही ऐसे एजेंटों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। अब सिर्फ मान्यता प्राप्त एजेंट ही लोगों को विदेश भेजने के लिए प्रक्रिया करवा सकेंगे। 

विदेश में बुरे हालात से गुजरते हैं युवा

फर्जी वीजा से विदेश जाने वाले युवा बेहद बुरे हालत से गुजरते है। पहले वे जमीन आदि बेचकर एजेंटों को लाखों रुपये देते है। जब वे विदेश जाते है तो वहां पर एजेंट उन्हें अलग-अलग देशों से पैदल निकालते हुए मैक्सिको बॉर्डर तक ले जाते हैं। इस दौरान उन्हें जंगल, पहाड़, नदी, बर्फ आदि से भी गुजरना पड़ता है। उनके खाने से लेकर दवा आदि का भी कोई प्रबंध नहीं होता। ऐसे में कई युवा की मौत भी हो जाती है, जिनके शव को भी खुर्दबुर्द कर दिया जाता है।

फर्जी तरीके ये युवाओं को विदेश न भेजने की अपील 

एसपी भौरिया ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे फर्जी तरीके से अपने बच्चों को विदेश न भेजें। फर्जी एजेंट के बहकावे में न आएं और ऐसे एजेंटों के बारे में तत्काल पुलिस को सूचित करें। 

40 लाख की डील करने वाले दो एजेंट चढ़े पुलिस के हत्थे

गांव कुराना जिला पानीपत वासी बलवान सिंह के बेटे जितेंद्र को यूएसए भेजने की 40 लाख रुपये की डील करने के आरोपित दो कथित एजेंट पुलिस ने काबू किए है। आरोपितों में पोपड़ा असंध वासी मेहर सिंह व जलमाना वासी गुरजंट है। आरोपितों को अदालत से चार दिन का रिमांड हासिल किया गया। बलवान सिंह वासी कुराना जिला पानीपत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि आरोपितों ने उसके बेटे को यूएसए की बजाय कतर भेज दिया था।  कुछ समय रहने के बाद वहवापस दिल्ली आ गया। इसके बाद उसे इक्वाडोर, कोलंबिया, पनामा, कोस्टारिका, निकारएगुआ, हैंडयुरास, गोवटीमाला, मैक्सिको और वहां से दीवार फांदने के बाद यूएसए में एंट्री कराई। मगर वहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया और आठ माह जेल में रहा। इसके बाद 16 मई को उसे वापस भारत भेज दिया गया। इस दौरान आरोपितों ने युवाओं के साथ की जाने वाली धोखाधड़ी स्वीकार की। 

Posted By: Anurag Shukla

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