हिमांशु गोयल, जींद

खेल निदेशालय ने प्रदेशभर के जिला खेल अधिकारियों से खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों का ब्योरा मांगा है। सभी जिलों से मिली जानकारी के आधार पर जिस भी खेल नर्सरी में दो या दो से कम खिलाड़ी हुए तो नर्सरी संचालक को खेल उपकरणों की राशि नहीं दी जाएगी। निदेशालय के निर्देश पर जिला खेल अधिकारियों ने खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों का डाटा जुटाने के लिए खेल प्रशिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है। जो कि मौके जाकर खिलाड़ियों का आंकड़ा जुटाएंगे।

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प्रदेश के सभी जिलों में खुली हुई है खेल नर्सरियां

बता दें कि प्रदेशभर में खोली गई खेल नर्सरियों में हॉकी, फुटबाल, वालीबॉल, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंजदाजी, हैंडबाल, बा¨क्सग, कबड्डी/खो-खो व कुश्ती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 10 लड़के व 10 लड़कियों की खेल नर्सरियां खोली गई थी। खेल निदेशालय की ओर से नर्सरियों को प्रशिक्षक के वेतन और उपकरणों की खरीद के लिए एक लाख रुपये दिए जाते हैं। निदेशालय के निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी नर्सरी संचालक अधिकतम 26 और न्यूनतम 10 खिलाड़ियों को ही रख सकता है। वर्जन

जींद जिले की खेल नर्सरियों में खिलाड़ियों की संख्या कम नहीं है। हालांकि दो या दो कम खिलाड़ियों के नर्सरी में कम होने पर उपकरण की राशि न देने का निर्देश मेरी जानकारी में नहीं है।

विनोद बाला, जिला खेल अधिकारी, जींद।

Posted By: Jagran

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