पानीपत, जेएनएन। चेक का क्लोन बना 94,390 रुपये खाते में ट्रांसफर कर लिये गए। छह महीने पुराने मामले में जितेंद्र सिंह निवासी इंद्री (करनाल) सहित आइसीआइसीआइ बैंक कर्मी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। शिकायकर्ता सावित्री देवी ने मई में मामले की शिकायत बैंक को दी थी।  इसके बार पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर राकेश ग्रोवर ने पुलिस को शिकायत दी थी। 

बिहार मूल की सावित्री देवी का पटना के पीएनबी में खाता है। इंद्री के जितेंद्र ने उसके नाम का चेक 17 मई को खाते में लगा दिया। उसका आइसीआइसीआइ बैंक में अपने यहां खाता है, लेकिन उसने इसके लिए आइसीआइसीआइ के समालखा शाखा को चुना। 22 मई को समालखा पीएनबी ने उक्त चेक को क्लीयर कर उपरोक्त रकम आरोपित के खाते में ट्रांसफर कर दिया। पटना शाखा से शिकायत मिलने के बाद स्थानीय पीएनबी मैनेजर ने कई बार आइसीआइसीआइ को रिमाइंडर दिया।  बैंक की गलती से छह माह तक पीडि़ता पटना और समालखा के बैंकों के चक्कर काटती रही।

रैकेट के बिना नहीं संभव यह कार्य: मैनेजर

पीएनबी के मैनेजर ग्रोवर ने कहा कि मूल चेक महिला के पास है। वह पटना में रहती है। फिर चेक नंबर सहित उसका क्लोन कैसे तैयार किया गया? यह जांच का विषय है। मशीन के बगैर मूल और क्लोन चेक का अंतर पता करना मुश्किल होता है। ऐसा किसी एक व्यक्ति से नहीं रैकेट से ही संभव हो सकता है। मुख्य आरोपित जितेंद्र के पकड़े जाने के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठ सकेगा।

Posted By: Anurag Shukla

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