पानीपत, जेएनएन - सर्दी अब शुरू होने वाली है। जाहिर है, कंबल की मांग बढ़ेगी। अगर कंबल खरीदने की सोच रहे हैं तो यही सही समय है। क्‍योंकि कुछ दिन में मिंक कंबल के दाम बढ़ सकते हैं। सर्दी का आगाज होने के साथ मिंक कंबल के दामों में 30 रुपये किलो तक की तेजी दर्ज की गई है। 190 रुपये से 200 रुपये प्रति किलोग्राम कंबल बिक रहा है। हर दिन सुबह जैसे ही उद्यमी सो कर उठते हैं मिंक कंबल में खपत होने वाले धागे के दामों में दो से तीन रूपये प्रति किलोग्राम की तेजी दर्ज हो जाती है। पिछले 10 दिनों में धागे के दामों में तेजी के कारण मिंक कंबल के दाम 160 से बढ़कर 190 रुपये प्रति किलो ग्राम तक हो चुके हैं। मिंक कंबल में पोलियस्टर यार्न की खपत होती है। तेजी के हालत इसी प्रकार रहे तो आने वाले समय में कंबल और अधिक तेजी दर्ज की जाएगी।

पूरे देश में पांच कंपनियां 

देश में पांच प्रमुख कंपनियां रिलायंस, बिलोसा, आलोक, वैल नोन, शुभ लक्ष्मी पोलियस्टर यार्न की आपूर्ति करती है। इन्हीं कंपनियों से पानीपत के मिंक कंबल व 3 डी चादर बनाने वाली उद्योगों को धागा मिलता है।

तेजी का कारण क्या रहा

पोलियस्टर यार्न पेट्रोलियम आधारित है। क्रूड आयल (कच्चे तेल) के भाव में बढ़ोतरी नहीं हुई है। जानकार व्यापारियों का कहना है कि उसके बावजूद कंपनियों ने धागे के दामों में बढ़ोतरी की है। उन्हीं धागों में तेजी अधिक चल रही है, जो पानीपत के उद्योगों में खपत होता है। पानीपत में इन दिनों कंबल का सीजन चल रहा है। इसी का फायदा यारन् कंपनियां उठा रहे ही।

 नवीन बंसल, कंबल कारोबारी। 

65 उद्योगों में 1200 टन का उत्पादन

पानीपत में मिंक कंबल के 65 यूनिटों में प्रतिदिन 1200 टन कंबल का उत्पादन होता है। यानि हर रोज यहां के उद्योगों को 1200 टन धागे की जरूरत होती है। मिंक कंबल एसोसिएशन के प्रधान नवीन बंसल का कहना है कि हम अन्य देशों से पोलिस्‍टर यार्न आयात करने की स्थिति में भी नहीं हैं। आज आर्डर देते हैं तो 60 दिनों में माल आएगा। तब तक सीजन खत्म हो जाएगा। सरकार को इस तेजी की ओर ध्यान देना चाहिए।

Edited By: Ravi Dhawan

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट