जागरण संवाददाता, पानीपत : कौन कोविड-19 से संक्रमित है और कौन नहीं, यह तय करना अब मुश्किल है। जिले में पॉजिटिव मिले 53 केसों में आधे से अधिक ऐसे हैं, जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं थे। ऐसे में सिविल अस्पताल के टीकाकरण कक्ष में बिना गाउन-कैप के हेल्थ सुपरवाइजर (एचएस) और नर्स ड्यूटी कर रहे हैं। टीका लगवाने आए बच्चे, उनके अभिभावक भी इस खतरे से बच नहीं सकते।

ओपीडी ब्लॉक में किसी भी डॉक्टर के कक्ष में जाएं, एक निश्चित दूरी बनाकर मरीज से स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके बाद उन्हें परामर्श दिया जाता है। टीकाकरण कक्ष में यह दूरी बनाना संभव नहीं है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और मरीज को टीका लगाना है तो उसके ठीक पास जाना होगा। बाजू भी पकड़नी पड़ती है। बच्चों के टीकाकरण कक्ष में हेल्थ सुपरवाइजर रणधीर मोर और नर्स नीलम बच्चों को टीका लगाते दिखे। हैरत, दोनों ने गाउन और कैप नहीं पहनी हुई थी। पूछने पर बताया कि डिमांड दी है। दो बार मौखिक रूप से भी मांग चुके हैं, लेकिन गाउन और कैप नहीं मिले हैं। दोनों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि टीका लगवाने आए लोगों में कोई भी कोरोना संक्रमित हो सकता है। जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं।

अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया ने बताया कि शनिवार को ही उन्हें शिकायत मिली है। कोरोना सहित अन्य संक्रमण से बचाव संबंधी किसी सामान की कमी नहीं है। तुरंत प्रभाव से पर्याप्त मात्रा में गाउन और कैप मिले, ऐसे निर्देश मेटरन को दिए गए हैं।

Posted By: Jagran

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