पानीपत, जेएनएन। भीषण गर्मी और लू से हर तरफ हाहाकार मचा है। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। पानीपत, करनाल सहित जीटी बेल्ट से लगते जिलों का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फिलहाल चार जून तक राहत मिलने की उम्मीद भी नहीं है। तापमान एक दो दिन में ही 45 डिग्री सेल्सियस पार कर सकता है। वहीं मौसम विभाग की मानें तो इस बार मानसून 25 जून तक आएगा।

दिन के साथ-साथ अब रात में भी गर्मी सताने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार गर्म हवाओं का प्रभाव चार जून तक बना रहेगा। पिछले वर्ष गर्म हवाओं का अधिक प्रभाव अप्रैल माह में देखने को मिला। उस तर्ज में इस बार गर्म हवाओं का प्रभाव मई के अंतिम सप्ताह में देखने को मिल रहा है। गर्म शुष्क हवाओं का दौर अभी जारी रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान से गर्म हवाएं आ रही है। मई के आखिरी सप्ताह से लेकर जून के पहले सप्ताह तक आमतौर पर गर्मी अधिक रहती है।

अधिकतम 44 तो न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा तापामन
पानीपत में बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि शुक्रवार को सुबह दस बजे 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अनुमान है कि ये 45 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।

घर से निकलना मुश्किल
भीषण गर्मी व लू ने लोगों का घरों से निकलना दुभर कर दिया है। करनाल में भी अधिकतम तापमान बढ़कर 44.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। न्यूनतम तापमान भी 2.0 डिग्री उछाल के साथ 25.2 डिग्री पर आया गया है। गर्मी अधिक होने के कारण नमी कम हो गई है। सुबह के समय 36 फीसदी दर्ज की गई जो शाम को घटकर महज 12 फीसदी रह गई। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मुताबिक आने वाले 24 घंटे में मौसम साफ रहेगा गर्मी और अधिक बढ़ेगी। इधर जिला प्रशासन की ओर से भी एडवाइजरी जारी कर दी गई है। लू से बचाव के लिए तौर-तरीके भी लोगों को बताए हैं। 

कई स्थानों पर लगाई ठंडे व मीठे पानी की छबील
कैथल में शुक्रवार सुबह दस बजे अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अनुमान है कि दिन का अधिकतम तापमान 46 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा। भीषण गर्मी के चलते संस्थाओं की तरफ से  ठंडे व मीठे पानी की छबील लगाई गई। जींद रोड जाखौली अड्डा पर मीठा पानी व प्रसाद भी बांटा गया। इसी प्रकार  भगत सिंह चौक प ठंडे मीठे पानी की छबील लगाई गई। छबील में सेवा करने वालों ने राहगीरों, वाहन चालकों को रोककर पानी पिलाया।

हीट स्‍ट्रोक का खतरा बढ़ा
यमुनानगर में भी शुक्रवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। लगातार बढ़ रहे तापमान से हीट स्‍ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। गर्मी का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर अधिक देखा जा रहा है। अस्पतालों में 70-80 प्रतिशत बच्चे  वायरल डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में चिकित्सक गर्मी से बचाव के लिए विशेष एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।   

लू में बचाव के लिए क्या करें?
- ठंडी जगहों पर रहने की कोशिश करें। 
- तेज धूप में छाते का प्रयोग करें। 
- ढीले व सूती कपड़े विशेषत: सफेद रंगे के कपड़े पहने। 
- सिर पर सूती कपड़े का हैट या पगड़ी रखें। 
- दोपहर 12 से 3 बजे तक शारीरिक गतिविधि करने से परहेज करें। 
- पानी प्रचुर मात्रा में पिएं। दूध की कच्ची लस्सी व ग्लूकोज वाटर ले सकते हैं।  

क्या न करें
- शरीर पर सूर्य की पडऩे वाली सीधी धूप से दूर रहें। 
- गहरे व काले रंग के वस्त्र ना पहने। 
-लू से प्रभावित व्यक्ति को ठंडी जगह पर ले जाने में देरी ना करें। 
- प्रभावित व्यक्ति के शरीर व माथे पर गर्म पानी से भीगा सोखने वाला वस्त्र ना रखें। 
- बाजार में बिकने वाले खुले व गले-सड़े फलों का प्रयोग ना करें। 
- बर्फ से बनने वाली कुल्फी के प्रयोग से परहेज करें।

गर्मी में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सजग रहें। इन दिनों ओपीडी में 70 प्रतिशत मरीज वायरल डायरिया से पीडि़त आ रहे हैं। ओआरएस का घोल नियमित रूप से दें। यह लाभदायक साबित होगा। इसके अलावा बच्चों को सीधी धूप से बचाएं। सूती कपड़े ही पहनाएं, क्योंकि यह पसीना आसानी से सोख लेते हैं और ठंडे भी होते हैं। अल्ट्रा वायलेट किरणों और धूप से बचने के लिए धूप के चश्मे और हैट का प्रयोग करना भी काफी लाभप्रद साबित हो सकता है। किसी भी खाद्य या पेय पदार्थ का सेवन करने से पहले उसकी शुद्धता की परख करना जरूरी है। रेहड़ी पर जूस पीना गलत नहीं है, लेकिन यह सुनिश्चित कर लें कि जूस बनाते समय सफाई का कितना ख्याल रखा जा रहा है। ताजे फलों का ही जूस पिएं। फास्ट फूड के सेवन से बचें।
-डॉ. अरुण गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ। 

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Posted By: Anurag Shukla